मूसा:फर्जीवाड़ा कर खड़ा किया करोड़ों का साम्राज्‍य

देहरादून : उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग पेपर लीक प्रकरण (UKSSSC Paper Leak) में अब तक 41 आरोपितों को हिरासत में लिया जा चुका है। इन शातिरों में नकल गिरोह का सरगना सैय्यद सादिक मूसा (Syed Sadiq Musa) भी शामिल है।अकूत संपत्ति के मालिक मूसा (Syed Sadiq Musa) को इंटरनेट मीडिया पर रील्‍स बनाना बेहद पसंद है।

सादिक मूसा (Syed Sadiq Musa) मूलरूप से शाहगंज, जौनपुर का रहने वाला है। वर्तमान में वह अकबरपुर अंबेडकरनगर में रह रहा था।मूसा ने सरकारी भर्तियों के परीक्षा पेपर लीक (UKSSSC Paper Leak) कर अकूत संपत्ति जोड़ ली। जानकारी के मुताबिक लखनऊ, गाजीपुर और सीतापुर में मूसा की संपत्ति है। मूसा के पास करीब 500 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति है।

एसटीएफ के मुताबिक मूसा उत्‍तराखंड में 2012 सरकारी नौकरियों की सौदेबाजी कर रहा था। मूसा पर उत्तर प्रदेश व हिमाचल प्रदेश में हुई भर्ती परीक्षाओं में भी पेपर लीक करवाने का संदेह है।मूसा इंटरनेट मीडिया पर रील्‍स बनाने का शौक है। जिसके लिए शूटिंग भी करता था। मूसा के दोस्त उसे हीरो कहते हैं। मूसा घुड़सवारी का भी शौक रखता है। देश के कई रेसकोर्स में उसने मेंबरशिप ले रखी है।

यूकेएसएसएसी द्वारा आयोजित होने वाली भर्ती परीक्षा के पेपर आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशंस कंपनी ने छापे थे और कंपनी का मालिक राजेश चौहान मूसा का दोस्‍त है।आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशंस कंपनी की प्रेस से पेपर मास्‍टरमाइंड मूसा के पास पहुंचता था। इसके बाद पेपर को आगे सर्कुलेट किया जाता था।

पेपर खरीदने वाले अभ्‍यर्थियों को बकायदा परीक्षा से एक दिन पहले एक जगह पर एकत्र कर सवालों के जवाब रटवाए जाते थे और अगली सुबह उनके सेंटरों तक छोड़ा जाता था।मूसा (Syed Sadiq Musa) उत्तर प्रदेश के धामपुर और लखनऊ से पूरा नेटवर्क कंट्रोल कर रहा था। उत्‍तराखंड में वह अपने गिरोह की मदद से प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक करवा रहा था। 10 वर्षों में उसने शातिरों की बड़ी टीम बना ली थी।

मूसा और यूपी के गिरफ्तार केंद्रपाल आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशंस कंपनी के मालिक राजेश चौहान से करोड़ों में पेपरों की डील करते थे। केंद्रपाल और मूसा भी एक दूसरे के करीबी बताए जा रहे हैं।एसटीएफ की पकड़ से बचने के लिए मूसा नेपाल भाग गया था। जब वह लखनऊ लौटा तो एसटीएफ ने उसे दबोच लिया।

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग पेपर लीक प्रकरण के सामने आने के बाद कई भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता की शिकायतें मिलीं। जिन की जांच की जा रही है। वहीं मूसा पर उत्तर प्रदेश व हिमाचल प्रदेश में हुई भर्ती परीक्षाओं में भी पेपर लीक करवाने का संदेह है।

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