माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि आज छात्र संघ द्वारा पहली बार विंटर कार्निवल के अंतर्गत भजन क्लम्बिंग जैसे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन की शुरुआत की जा रही है। मेरा मानना है, इस प्रकार की पहल केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति, लोक परंपराओं और युवा चेतना के संगम का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भजन क्लंबिंग जैसे आयोजन ये सिद्ध करते हैं कि हमारा युवा वर्ग आधुनिकता के साथ-साथ अपनी जड़ों से भी मजबूती से जुड़ा हुआ है और संगीत, भक्ति और संस्कृति के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा देना, ऐसे आयोजनों की सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि इस पहल के लिए मैं, छात्र संघ की पूरी टीम को बधाई देता हूँ। ऐसा आयोजन कर आप सभी ने नेतृत्व क्षमता, संगठन शक्ति और सामाजिक दायित्व का परिचय दिया है।
माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि जिन छात्र-छात्राओं ने आज इस कार्यक्रम का संचालन किया है, वही छात्र कल राज्य और देश का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने कहा कि खटीमा मेरे लिए कोई विधानसभा सीट नहीं बल्कि ये मेरा घर है, मेरी कर्मभूमि है और मेरी पहचान है। खटीमा की मिट्टी ने मुझे सेवा का संस्कार दिया है, यही वो धरती है जहाँ से मैंने जनसेवा की पहली सीढ़ी चढ़ी थी।
माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने जहां एक ओर खटीमा में आधुनिक आईटीआई और पॉलीटेक्निक कॉलेज तथा 100 बेड के नए अस्पताल परिसर का निर्माण कर बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया है वहीं, विद्यार्थियों के लिए साथी केंद्र की स्थापना करने के साथ ही औद्योगिक विकास को गति देने लिए सिडकुल की स्थापना भी की गई है। इतना ही नहीं, हम खटीमा और टनकपुर के बीच एक भव्य सैन्य स्मारक भी बनाने जा रहे हैं, जिस पर जल्द ही कार्य प्रारंभ हो जाएगा।
माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे निरंतर प्रयासों का ही परिणाम है कि आज उत्तराखंड रोजगार सृजन के मामले में भी देश के अग्रणी राज्यों में अपनी जगह बना चुका है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब प्रदेश की प्रतिव्यक्ति आय सीमित थी, लेकिन आज उसी प्रतिव्यक्ति आय में 17 गुना की वृद्धि हुई है। प्रदेश में सड़कों का नेटवर्क दोगुना हुआ है, और बिजली उत्पादन में चार गुना वृद्धि दर्ज की गई है। ये परिवर्तन केवल सरकारी रिपोर्टों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आम जन के जीवन में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।
माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने दंगारोधी और धर्मांतरण विरोधी कानूनों को केवल कागजों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि जमीन पर सख्ती से लागू करके भी दिखाया है। उन्होंने कहा कि लैंड जिहाद के खिलाफ कार्रवाई करते हुए हमने 11 हज़ार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को भूमाफियाओं के कब्जे से मुक्त कराया। इतना ही नहीं, 250 से अधिक अवैध मदरसों को सील करने के साथ ही 500 से अधिक अवैध संरचनाओं पर बुलडोजर चलाकर ये स्पष्ट संदेश भी दिया है कि देवभूमि की एक-एक इंच भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सख्त नकल विरोधी कानून लागू कर नकल माफिया की कमर तोड़ने की पहल की, और इसका परिणाम है कि आज प्रदेश के 28 हज़ार से अधिक युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी मिली है। उन्होंने कहा है कि युवाओं के हक पर किसी माफिया का साया नहीं पड़ने दिया जाएगा, अब प्रदेश में पर्ची नहीं, परिश्रम चलता है, सिफारिश नहीं, सिस्टम चलता है।
इससे पूर्व माननीय मुख्यमंत्री खटीमा में पूर्व जिला पंचायत सदस्य राम सिंह जेठी के पत्नी के निधन पर उनके आवास, ढील्लू सिंह राणा एवं जशोधर भट्ट के निधन पर उनके आवास पर पहुँच कर अपनी शोक संवेदना व्यक्त की।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर दीपक बाली, अध्यक्ष नगर पालिका खटीमा रमेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, पूर्व मंडी अध्यक्ष नंदन सिंह खड़ायत,अमित पांडे, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, उप जिलाधिकारी तुषार सैनी,गौरव पांडे, सी ओ बी एस धोनी सहित छात्र संघ के सभी पदाधिकारी एवं छात्र-छात्राएं मौजूद थे।

