उत्तराखंड में कुदरत का कहर

देहरादून। उत्तराखंड में पिछले 24 घंटे में वर्षा कहर बनकर टूटी है। इस दरमियान अतिवृष्टि के कारण हुए भूस्खलन व नदी-नालों के उफान और बिजली गिरने से एक मासूम व दंपती समेत सात लोगों की जान चली गई।

इनमें से चार मौत गढ़वाल और तीन मौत कुमाऊं मंडल में हुई हैं। इसके अलावा प्रदेशभर में 11 लोग लापता हैं, जिनके भूस्खलन के मलबे में दबे होने की आशंका है।उनकी खोजबीन की जा रही है। इस दौरान कई लोगों ने घरों से भागकर जान बचाई। भूस्खलन के कारण सड़कें बंद होने से राहत एवं बचाव दलों को प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ी।

उत्तराखंड में आसमान से आफत बरसने का सिलसिला थम नहीं रहा है। ज्यादातर क्षेत्रों में अतिवृष्टि से जन जीवन बुरी तरह प्रभावित है। पहाड़ों में जगह-जगह आपदा का प्रकोप है। भारी बारिश का क्रम अगले कुछ दिन बना रह सकता है।

प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में आज भी भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर आरेंज अलर्ट दिया गया है। साथ ही अन्य जिलों में आकाशीय बिजली चमकने और वर्षा के तीव्र दौर होने की आशंका है।शुक्रवार को तड़के से ही देहरादून समेत कई क्षेत्रों में जोरदार वर्षा का क्रम जारी रहा।

हालांकि, दिन में धूप और बादलों की आंख-मिचौनी चलती रही, लेकिन कई स्थानों पर बौछारों का सिलसिला चलता रहा। इस बीच पर्वतीय क्षेत्रों में भी कुदरत का कहर बरस रहा है। ज्यादातर पहाड़ी क्षेत्रों में वर्षा के अत्यंत तीव्र दौर हो रहे हैं। कई स्थानों पर बादल फटने जैसी स्थिति है।

वहीं, निचले इलाकों में भी नदी-नालों का जल स्तर अत्यधिक बढ़ने से बाढ़ की स्थिति बन गई है। ऐसे में पहाड़ से मैदान तक प्रशासन की ओर से सतर्क रहने की अपील की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, आज भी देहरादून, उत्तरकाशी व बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा व गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने की आशंका है।

इसे लेकर आरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और पौड़ी में कहीं-कहीं भारी वर्षा को लेकर यलो अलर्ट है। शेष जिलों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने व वर्षा के तीव्र दौर होने के आसार हैं।

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