तैयारियों एवं व्यवस्थाओं के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए

रुद्रप्रयाग:श्री केदारनाथ धाम की दूसरे चरण की यात्रा को सुव्यवस्थित एवं सफलता पूर्वक ढंग से संचालित करने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभगार में यात्रा व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर की जाने वाली तैयारियों एवं व्यवस्थाओं के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि श्री केदारनाथ धाम की प्रथम चरण की यात्रा सफलता पूर्वक संपादित की गई जिसमें रिकाॅर्ड 10 लाख 50 हजार से अधिक यात्रियों द्वारा बाबा केदारनाथ धाम के दर्शन कर चुके हैं तथा दूसरे चरण में भी दर्शनार्थियों की संख्या में बढोतरी होने का अनुमान है जिसके लिए सभी अधिकारी जिस स्तर से जो भी व्यवस्थाएं की जानी हैं वह व्यवस्थाएं समय से पूर्ण कर ली जाए ताकि आने वाले तीर्थ यात्रियों को किसी प्रकार की कोई असुविधा एवं परेशानी न होने पाए। उन्होंने सड़क मार्ग से जुड़े सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वर्षा के कारण यात्रा मार्ग में कई स्थानों पर गड्ढे हो गए हैं एवं अधिकतर क्षेत्रों में भू-स्खलन हो रहा है।

उन्होंने यातायात को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए उनके अधीनस्थ सभी सड़क मार्गों में जो भी कार्य किया जाना है उन कार्यों को शीर्ष प्राथमिकता से करना सुनिश्चित करें एवं जिन स्थानों पर मलबा आया है उस मलबा को भी तत्परता से हटाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि जिन स्थानों पर भू-स्खलन एवं पत्थर गिर रहे हैं ऐसे स्थानों पर किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना न हो तथा सुरक्षा की दृष्टि से ऐसे स्थानों पर कार्मिकों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि ट्रैक रूट पर जो भी मरम्मत कार्य किए जाने हैं उन कार्यों को भी शीघ्रता से शीघ्र पूर्ण कर लिए जाएं।

उन्होंने यात्रा मार्ग में साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित कराए जाने हेतु तथा संचालित हो रहे सुलभ शौचालयों में पर्याप्त कार्मिकों की तैनाती के लिए इंचार्ज सुलभ को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए तथा सभी शौचालयों की साफ-सफाई व्यवस्था निरंतर की जाए इसमें कार्मिकों की तैनाती 24 घंटे रहे। इसके साथ ही उन्होंने अधिशासी अभियंता जल संस्थान को निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्ग में पेयजल व्यवस्था सुचारू रहे एवं जो स्टेंड पोस्ट खराब हो गए हैं उनका मरम्मत कार्य करते हुए बेहतर साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही संचालित हो रहे घोड़े-खच्चरों के लिए भी गरम पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा गरम पानी के लिए बनाई गई चरियों में अतिरिक्त कार्मिकों की तैनाती की जाए।

उन्होंने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्ग में किसी भी दशा में अनफिट/बीमार घोडे-खच्चरों का संचालन न हो तथा सभी घोड़े-खच्चरों का अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए। इसके लिए उन्होंने पर्याप्त डाॅक्टरों की तैनाती करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने विद्युत विभाग को निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्ग ट्रैक रूट तथा केदारनाथ धाम में विद्युत व्यवस्था सुचारू रहे इसके लिए उन्होंने विद्युत विभाग को निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्ग में जो विद्युत बल्व खराब हो गए हैं उनके स्थान पर नए बल्बों को लगाने के निर्देश दिए गए।

इसके साथ ही उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्ग में डीजल एवं पेट्रोल की पर्याप्त मात्रा में स्टाॅक रहे तथा होटल एवं रेस्टोरेंटों में किसी भी प्रकार से घरेलू गैस सिलेंडरों का उपयोग न किया जाए इसके लिए निरंतर चैकिंग अभियान चलाया जाए। इसके साथ ही उन्होंने खाद्य सुरक्षा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि खाद्य सामग्री में किसी प्रकार की मिलावट न हो तथा यात्रा मार्ग में संचालित हो रहे दुकानों में किसी भी प्रकार की ओवर रेटिंग न हो इस पर भी चैकिंग अभियान की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

बैठक में पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. बी. के. शुक्ला, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, परियोजना निदेशक डीआरडीए रमेश चंद्र, उप जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग अपर्णा ढौंडियाल, ऊखीमठ जितेंद्र वर्मा, जखोली परमानंद राम, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डाॅ. आशीष रावत, महाप्रबंधक जिला उद्योग एच.सी. हटवाल, जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल, पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, अधिशासी अभियंता एनएच निर्भय सिंह, जल संस्थान संजय सिंह, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

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