त्योहारों में लापरवाही भारी!

दुर्गा पूजा के बाद बंगाल, असम और हिमाचल में बढ़ने लगे कोरोना केस

नई दिल्‍ली. देश में कोरोना संक्रमण (Corona Infection) के मामलों में एक बार फिर इजाफा होता दिखाई दे रहा है. केरल जैसी गलती पश्चिम बंगाल (West Bengal) सहित दो अन्‍य राज्‍यों में दिखाई पड़ने लगी है.

दुर्गा पूजा (Durga Puja) और दशहरा (Dussehra) के बाद से पश्चिम बंगाल, असम और हिमाचल प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ते दिखाई पड़ रहे हैं. बंगाल के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो शनिवार को बंगाल में कोरोना संक्रमण के 974 नए केस सामने आए जो पिछले तीन महीनों में एक दिन में आए सबसे अधिक कोरोना केस थे. पिछले चार दिनों में बंगाल में दैनिक मामलों की संख्या 800 से अधिक देखी जा रही है.

भारत में शनिवार को कोरोना के 15,918 नए मामले सामने आए, जिसमें मणिपुर और झारखंड के आंकड़े शामिल नहीं हैं. बंगाल में इस सप्ताह कोरोना संक्रमण के मामलों में भारी इजाफा दिखाई दिया. पिछले सात दिनों में राज्य ने 5,560 नए कोरोना केस देखने को मिले जो उससे भी पिछले सात दिनों में सामने आए 4,329 मामलों की तुलना में 28.4% अधिक हैं. यही नहीं पिछले तीन हफ्तों में कोरोना के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो कोरोना के मामलों में 10.4% की वृद्धि हुई है.

इस बीच, असम में पिछले सात दिनों में ताजा मामलों में 50.4% की वृद्धि देखी गई है. पिछले सात दिनों में 1,454 की तुलना में इस अवधि के दौरान राज्य में 2,187 नए कोरोना केस सामने आए हैं. वहीं हिमाचल प्रदेश में सात दिनों में कोरोना के आंकड़ों में 38.4% की वृद्धि देखी गई है. राज्‍य में पिछले सात दिनों में कोरोना के 1,265 मामले दर्ज किए जबकि उसके भी पिछले महीने 914 मामले सामने आए थे.

शनिवार को, केरल में देश में सबसे अधिक 8,909 नए मामले सामने आए. पिछले 24 घंटे में महाराष्ट्र में कोरोना के 1,701 ताजा मामले सामने आए जबकि तमिलनाडु में 1,140 मामले दर्ज किए गए. केरल में शुक्रवार को 65 मौतें दर्ज की गईं, जबकि महाराष्ट्र में 33, तमिलनाडु में 17 और बंगाल में 12 लोगों की मौत हुई है.

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उदय दिनमान’ एक वैचारिक आंदोलन भी है। इस आंदोलन का सरोकार आर्थिकी, राजनीति, समाज, संस्कृति, इतिहास व विकास से है। अकेले उत्तराखंड की बात करें तो यह क्षेत्र सदियों से न केवल धार्मिक आस्थाओं का केंद्र रहा है, बल्कि यह क्षेत्र मानव सभ्यता-संस्कृति का उद्गम स्थल भी समझा जाता रहा है। आधुनिक समय में विकास की अवधारणा के जन्म लेने के साथ हिमालयी समाज-संस्कृति को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ये चुनौतियां हमारी संस्कृति पर निरंतर प्रहार कर इसे गहरा आघात पहुॅचाने में तुली हुई है। हालांकि, सामाजिक, शारीरिक, आर्थिक आदि कष्टों के बावजूद यह संस्कृति अपने ताने-बाने से छिन्न-भिन्न नहीं हो सकी है। मगर निरंतर जारी प्रहारों से एकबारगी चितिंत होना स्वाभाविक है। ‘उदय दिनमान’ का प्रयास है कि राजनीति, समाज, संस्कृति, इतिहास, विकास व आर्थिकी पर निरंतर हो रहे आघातों से जनमानस को सजग रखने का प्रयास किया जाए। यह कहकर हम कोई बड़ा दंभ नहीं भर रहे हैं। यह हमारा मात्र एक लघु प्रयास भर है। हमारी अपेक्षा व आकांक्षा है कि हमारे इस प्रयास में आपकी भागीदारी ही नहीं सुनिश्चित हो, बल्कि आपके विस्तृत अनुभवों, विचारों, सुझावों व गतिविधियों का लाभ ‘उदय दिनमान’ के द्वारा व्यापक जनमानस तक पहुंचे। उक्त क्रम में ‘उदय दिनमान’ के प्रयासों को बल प्रदान करने के निमित आप अपने अनुभवों, सुझावों व विचारों को लेख अथवा यात्रावृत्त, संस्मरण, रिर्पोट, कथा-कहानी, कविता, रेखाचित्र, फोटो आदि के रूप में प्रेषित करने का कष्ट करें। संपर्क करें। https://www.udaydinmaan.com/ संतोष बेंजवाल संपादक कन्हैया विहार, निकट कारगी चैक, देहरादून (उत्तराखंड) udaydinmaan@gmail.com Phone:0135-3576257 Mob:+91.9897094986 Email: udaydinmaan@gmail.com