नर्सिंग कॉलेज में छापा, उजागर हुए कई शर्मनाक राज

नैनीताल। अनुसूचित जाति आयोग अध्यक्ष मुकेश कुमार ने नैनीताल के बीडी पांडे स्कूल ऑफ नर्सिंग का औचक निरीक्षण किया तो यहां अनियमित्ताओं से सामना हुआ। पता चला कि हॉस्टल की मेस में छात्राओं को खुद ही रोटी बनानी पड़ रही थी। फ्रिज में कई दिन पुरानी खराब सब्जियां मिली। छात्राओं से ही यहां के गटर की सफाई भी करवाई जा रही थी।

जिस पर आयोग अध्यक्ष ने प्रधानाचार्य से कारण पूछा। मामले में जिलाधिकारी व कमिश्नर को फोन कर मामले में तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। नैनीताल में बीडी पांडे स्कूल ऑफ नर्सिंग है। जहां छात्राएं नर्सिंग की ट्रेनिंग लेती हैं। पर यहां के हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

इस संबंध में पहले भी कई बार शिकायत अधिकारियों को दर्ज करवाई गई। पर आज तक व्यवस्था सुधार का कोई काम नहीं हुआ। मंगलवार को अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष मुकेश कुमार ने कॉलेज का औचक निरीक्षण किया। जहां छात्राओं ने उनके सामने अपनी समस्या रखीं।

छात्राओं ने आरोप लगाया कि कॉलेज की मेस में उनसे रोटियां बनवाई जाती हैं। कमरे में बल्ब तक नहीं लगाने दिया जाता। काफी गदंगी में रहने को मजबूर हैं। हॉस्टल के एक कमरे में पांच छात्राएं रहती हैं। कमरे भी काफी गंदे हैं। इसके अलावा यहां साफ-सफाई को लेकर भी कई शिकायतें रही।

इस पर आयोग अध्यक्ष ने प्रधानाचार्य सुरेंद्र वर्मा से मामले में कारण बताने को कहा है। डीएम व कमिश्नर को मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस दौरान रीना मेहरा, शिवांशु जोशी, रोहित भाटिया, सचिन जनोटी, पारस चंद्रा, सचिन कुमार आदि उपस्थित रहे।

कॉलेज में वार्डन, स्वीपर, कुक, सुरक्षा कर्मी तक नहीं है। कॉलेज को कोई खर्चा भी नहीं मिलता है। हॉस्टल के एक रूम में पांच बच्चे रहते हैं। सफाई व गंदगी काफी रहती है। हम बिना खर्चे के किसी तरह जिम्मेदारी निभाने की कोशिश कर रहे हैं। कई बार निदेशायल को पत्र लिखा है पर आज तक कोई सुनवाई नहीं हो रही।

1800 रूपए महीने एक छात्रा के भोजन का खर्च है। इतने कम खर्च में हम छात्राओं को रोज दूध, फल से लेकर तीन टाइम का भोजन तक की व्यवस्था किसी तरह कर रहे हैं। कुछ हद तक बच्चों की शिकायत भी जायज है पर हम बच्चों के सहयोग से ही व्यवस्था बनाने को मजबूर हैं।
सुरेंद्र शर्मा, प्रधानाचार्य बीडी पांडे नर्सिंग कॉलेज

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