ऋषिकेश: एम्स, ऋषिकेश में विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर इस वर्ष की थीम “यूनाइटेड बाई यूनिक” के तहत विभिन्न जनजागरुकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य कैंसर जैसी घातक बीमारी के प्रति आम जनमानस को जागरुक करना था। रोगियों और उनके परिजनों के साथ-साथ आम जनता को भी इस बीमारी के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए प्रो. दीपा जोसेफ ने कहा कि कैंसर आज विश्वभर में एक गंभीर चुनौती बन चुका है। एम्स में इस बीमारी का इलाज करने के लिए सभी प्रकार की विश्व स्तरीय चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हैं। डॉ. दीपक सुंदरियाल ने इस अवसर पर कैंसर के लक्षणों, बचाव, मिथक और उपचार के बारे में लोगों को जानकारी दी। उन्होंने यह भी कहा कि कैंसर के प्रारंभिक लक्षणों को पहचानने और समय पर उपचार कराने से इस बीमारी को पराजित किया जा सकता है।
डॉ. नवोदयम और डॉ. अनिता रानी कंसल ने इस अवसर पर कहा कि हम सभी को मिलकर कैंसर के खिलाफ जनजागरुकता फैलाने का संकल्प लेना चाहिए। उनका मानना था कि कैंसर योद्धाओं की संघर्ष और उनके द्वारा बीमारी को हराने की कहानियां हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। इन कहानियों से यह सिद्ध होता है कि दृढ़ संकल्प, इच्छाशक्ति और सकारात्मक सोच से कोई भी मुश्किल को पार किया जा सकता है।
ऑन्कोलॉजी ओपीडी में आयोजित जनजागरुकता कार्यक्रम का विषय “कैंसर की प्रारंभिक जाँच और जोखिम कारक” था। नर्सिंग अधिकारी अदिति चौहान और राशिका ने इस पर प्रकाश डाला और बताया कि प्रारंभिक जाँच कैंसर के उपचार में अत्यंत महत्वपूर्ण है। सामूहिक प्रयासों से हम इस बीमारी को मात दे सकते हैं और एक स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकते हैं।
आईपीडी में आयोजित कार्यक्रम का विषय “स्वस्थ आहार, व्यायाम और रोकथाम” था, जिसमें नर्सिंग अधिकारी मेघा और निमिषा ने अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि कैंसर से बचाव के लिए एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाना बेहद आवश्यक है। संतुलित आहार और नियमित व्यायाम से हम कैंसर के जोखिम को कम कर सकते हैं। साथ ही, धूम्रपान और अत्यधिक वसा वाले खाद्य पदार्थों से दूर रहना चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन असिस्टेंट नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट श्रवण कुमार प्रजापत और सीनियर नर्सिंग अधिकारी प्रियंका पटियाल ने किया।

