हकीकतः पथरीले रास्तों पर चलकर बीमार महिला को पहुंचाया अस्पताल

उदय दिनमान डेस्कः पथरीले रास्तों पर मीलों पैदल चलकर अपनी आवश्यक आवश्यकता के लिए उत्तराखंड के कई क्षेत्रों में लोग आज भी चलने को मजबूर हैं। यह हकीकत है और इससे प्रदेश की सरकार ने मूॅह मोड रखा है। प्रदेश के विकास के योजनाये जिस सचिवालय में बनती हैं वहां बैठे अफसर पहाड़ की पथरीले रास्तों पर नहीं चलते इसलिए उन्हें यह पता ही नहीं होता है कि पहाड़ में स्थितियां कैसी है। योजनाएं बनती हैं तो सिर्फ उन क्षेत्रों के लिए जहां पहले ही विकास हो रखा है और विकास के नाम पर पैसा पानी में बहाया जा रहा है। राज्य बने इतने साल हो गए लेकिन विकास देहरादून, हल्द्वानी, हरिद्वार जैसे बडे़ शहरों से आगे नहीं बढ़ पाया अगर बढ़ पाता तो आज भी पहाड़ के लोग आंदोलन नहीं करते।

आज भी प्रदेश में स्वास्थ्य, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है और इसकी जीती जागती तस्वीरें मीडिया के माध्यम से कई बार सामने आ गयी है, लेकिन हमारे भाग्यविधाताओं को यह तस्वीरें दिखती नहीं हैं उन्हें तो मीडिया में सिर्फ अपनी ही तस्वीरें देखने की आदत है। ताजा मामला नैनीताल जनपद का है। यहां एक बीमार महिला को क्षेत्र के युवा करीब 15 किमी पथरीले रास्तों पर चलकर करीब 5 घंटे के सफर के बाद अस्पताल पहुंचा कर महिला की जान बचाने में कामयाब हुए। अब आप इस हकीकत को क्या कहेंगे। सरकार की नाकामी या फिर विकास के पहाड़ न चढ़ने की मजबूरी या फिर कुछ और… चलिए आपको बताते हैं पूरी कहानी-

नैनीताल जिले के ओखलकांडा ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्र लोगों का आज भी सड़क व स्वास्थ्य सुविधाओं नसीब नहीं हो पा रही हैं। ऐसे में ग्रामीणों को कई किमी लंबा सफर पैदल तय करना पड़ रहा है। सोमवार को क्षेत्र की एक बीमार महिला को ग्राीमणों ने ऊबड़-खाबड़ पथरीले रास्तों व नदी-नालों काे पार कर 15 किमी की पैदल चलकर डोली में अस्पताल पहुंचाया।

ओखलकांडा विकासखंड के कूकना ग्राम सभा निवासी उमा देवी कई दिनों से तेज बुखार से पीड़ित है। सोमवार सुबह उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने लगी। आसपास कोई सुविधा न होने के कारण परिजनों के अनुरोध पर ग्रामीणों ने उपचार के लिए उसे अस्पताल ले जाने का फैसला किया। 28 वर्षीय उमा देवी को डोली में रखकर ग्रामीण सोमवार सुबह गांव से रवाना हुए। 15 किमी. की पैदल दूरी तय करने में उन्हें करीब चार घंटे का वक्त लगा।

इस बीच उन्हें क्षेत्र में बहने वाली लधिया नदी को पार करते वक्त काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। ऊबड़-खाबड़ पथरीले रास्तों को नापते हुए उमा देवी को चंपावत जिले के रीठा साहिब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। ग्रामीणों के मुताबिक वहां उसका उपचार चल रहा है।

फिलहाल उसकी हालत स्थिर बनी है। उमा देवी को डोली की मदद से अस्पताल पहुंचाने वाले युवाओं में नवीन सिंह धौनी, नरेंद्र धौनी, दीवान सिंह धौनी, खीम सिंह धौनी, सुरेंद्र सिंह धौनी, चंचल सिंह धौनी, दीपक सिंह व हेमचंद्र आदि शामिल रहे।

ग्रामीण आंदोलित गांव के पूर्व प्रधान मदन नौलिया बताते हैं कि पैजना-लिंगरानी-देवली मोटर मार्ग की मांग लंबे समय से की जा रही है। अब जबकि मोटर मार्ग का निर्माण प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अन्तर्गत किया जा रहा है तो वह गांव तक नहीं हो रहा है। क्षेत्र के ग्रामीण मोटर मार्ग को आबादी तक ले जाने की मांग को लेकर पिछले करीब दस दिनों से आंदोलित हैं।

ग्रामीणों ने मोटर मार्ग को आबादी तक पहुंचाने के लिए आंदोलन जारी रखने की बात कही है। इस मांग को लेकर सोमवार को ग्रामीण मदन नौलिया, नरेश कुमार, बलवंत नौलिया, युगल किशोर, उमेश सिंह, अर्जुन सिंह, यशवंत सिंह, नरेन्द्र मटियाली आदि धरने पर बैठे।

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