शोध: गंगाजल से रूकेगा कोरोना वायरस का फैलाव!

देहरादून। कोरोना के खिलाफ जंग में गंगा जल भी सहायक बन सकता है। यह हम नहीं कह रहे एक शोध में यह बात सामने आयी है। शोध में कहा गया है कि गंगा जल के इस्तेमाल से कोरोना के संक्रमण को कम किया जा सकता है। चलिए जानते है इस शोध के बारे में विस्तार से-


गंगाजल में रोगनाशक क्षमता है और इसका नियमित सेवन करोना वायरस के फैलाव को रोकने में सहायक सिद्ध हो सकता है। नेशनल एनवायरनमेंट इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (एनईईआरआइ) नागपुर ने अपने शोध में पाया कि गंगा के ऊपरी हिस्सों में फेज (अर्धजीवित लाभप्रद वायरस) बहुत बड़ी तादाद में पाए जाते हैं। इन फेज से विभिन्न रोगों का उपचार संभव है। यह कहना है प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता और चिंतक भरत झुनझुनवाला का।

वह कहते हैं कि फ्रांस के भविष्य वक्ता नैम्स्त्रदम ने भविष्यवाणी की थी कि तीसरा विश्व युद्ध चीन और पाकिस्तान से शुरू होकर गंगा के तट पर खत्म होगा। कहीं ऐसा तो नहीं कि वे गंगा में विद्यमान रोगनाशक क्षमता की और इशारा कर गए हों। संभवतया कोविड की जंग ही तीसरे विश्व युद्ध के रूप में प्रकट हुई हो। क्योंकि, वर्तमान हालात इसी ओर इशारा भी कर रहे हैं।

झुनझुनवाला कहते हैं कि कोरोना संक्रमण से मरने वालों की संख्या प्रतिदिन बढ़ रही है। इसे हम विश्व युद्ध के रूप में देखें तो पूरा विश्व इसके प्रभाव से कराह रहा है। इसी को देखते हुए एनईईआरआइ के शोध को आधार बनाकर सेंट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टीट्यूट लखनऊ के पूर्व उप निदेशक नरेंद्र मेहरोत्रा और उन्होंने भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) को इस विषय पर रिसर्च करने का प्रस्ताव दिया,

लेकिन आइसीएमआर ने यह कहते हुए प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया कि फिलहाल इसके पर्याप्त क्लिनिकल प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और इस प्रमाण को प्राप्त करने के लिए बीते दो माह से प्रयासरत हैं।

झुनझुनवाला ने बताया कि इस अवधि में 20 लोगों ने गंगाजल का नियमित सेवन किया। इनमें से आठ को लाभ हुआ और एक को हल्का नुकसान, जबकि 11 पर कोई असर नहीं हुआ। आगे भी ऐसे प्रयोग जारी रहेंगे। ताकि, प्रामाणिक तौर पर कहा जा सके कि गंगाजल के सेवन से कोविड का प्रसार रोका जा सकता है।

बकौल झुनझुनवाला, ‘अगर हम कुछ कोविड या श्वास संबंधी रोगियों को गंगाजल के नियमित सेवन लिए प्रेरित करें, तो इससे श्वास संबंधी रोगों के उपचार का डेटा बेस तैयार हो सकता है। इसके आधार पर हम सरकार को इस दिशा में शोध करने के लिए कह सकते हैं।’ बताया कि हर इच्छुक व्यक्ति को गंगाजल निश्शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। क्योंकि, उनका ध्येय इस कठिन दौर में गंगाजल की सार्थकता सिद्ध करना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *