खुलासाः बॉडी के किए 56 टुकड़े, कुछ को पकाकर खाया

तिरुवनंतपुरम: केरल में काले जादू की वजह से मानव बलि देने का मामला सामने आने के बाद से हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस ने बुधवार को इस मामले में कई सनसनीखेज खुलासे किए। पुलिस ने बताया कि एक शव के कुल 56 टुकड़े किए गए थे।

कोच्चि के कमिशनर सीएच नागराजू ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मुख्य आरोपी शफी का आपराधिक अतीत रहा है और उसने दंपति – भगवल सिंह और उसकी पत्नी लैला को फंसाया, जिन्होंने पैसों के लिए ये बलि दी।

शफी को मनोरोगी बताते हुए कमिश्नर ने कहा कि इस बात की जांच की जाएगी कि उसने दंपत्ति को कैसे मना लिया। दूसरी ओर पुलिस ने आगे बताया कि दंपति का कोई आपराधिक अतीत नहीं है।

आयुक्त ने बताया कि पीड़ितों को क्रूर तरीके से मारा गया। शरीर के अंगों को भगवल सिंह के घर के परिसर के विभिन्न हिस्सों में दफनाया गया था। पीड़ितों के निजी अंगों में भी चोट लगी थी। साथ ही, शफी ने पीड़ितों को प्रताड़ित करने में आनंद भी लिया।

आरोपियों में से एक लैला ने कबूल किया है कि उन्होंने (उन तीनों ने) पीड़ितों के शरीर के एक हिस्से को पकाकर भी खाया। तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर दो सप्ताह की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

यह सनसनीखेज घटना मंगलवार को सामने आई जब पुलिस गुमशुदगी की शिकायत की जांच कर रही थी। सुरागों के बाद, पुलिस ने पाया कि तांत्रिक मोहम्मद शफी ने मानव बलि देने के लिए एक कपल का ब्रेनवॉश किया और उन्हें आर्थिक लाभ मिलने का वादा किया। यह उनकी दूसरी शिकार थी, जबकि पहली शिकार एक अन्य महिला थी जिसे जून में मार दिया गया था।

पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी शफी एक कट्टर अपराधी है और विभिन्न थानों में आठ मामलों का सामना कर रहा है। उसके अपराधों की सूची में बलात्कार, अतिचार, शराब के नशे में झगड़ा और धोखाधड़ी शामिल है। पुलिस ने कहा कि उसने पुलिस को झांसा देने के लिए हर साल अपना घर बदला और ज्यादातर शिविरों में रहा।

लोगों को बेवकूफ बनाने के लिए उसने सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया। दंपति ने उसके साथ संपर्क किया और ‘अनुष्ठान’ के लिए 1.50 लाख रुपये का भुगतान किया जिसमें मानव बलि भी शामिल थी। जून में पहली बलि के बाद, दंपति ने जब कोई वित्तीय सुधार नहीं देखा और शफी के पास गया और फिर शफी ने उनको दूसरी बलि लेने के लिए तैयार किया।

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