देशभर में जमातियों की तलाश, 2000 की पहचान, मरकज से निकाले 2100

नई दिल्ली: कोरोना संक्रमण का एपीसेंटर बन चुके तबलीगी जमात के मरकज के खिलाफ दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. मरकज से देर रात भी जमातियों को बसों में भरकर आइसोलेशन में ले जाया गया. सुबह 4 बजे तक 2100 लोगों को मरकज से निकाला गया. हालांकि, मरकज का दावा था कि अंदर सिर्फ एक हजार लोग हैं. इससे उलट वहां से 2100 लोग निकाले गए हैं.

इस बीच उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में जमात में शामिल लोगों की तलाश शुरू हो गई है. यूपी सरकार ने दावा किया है कि मरकज की जमात में शामिल हुए 95 फीसदी लोगों की पहचान कर ली गई है. कई शहरों की मस्जिदों में पनाह लेने वाले जमातियों को क्वारंटीन सेंटर भेजा गया है. अब तक दो हजार से अधिक लोगों को क्वारनटीन किया गया है.

कोरोना महामारी के संकट में ढकेल देने वाले तबलीगी जमात के मरकज पर अब पुलिस का एक्शन शुरू हो गया है. कायदे- कानूनों की धज्जियां उड़ाने वाले मौलाना शाद और निजामुद्दीन स्थित मरकज में जमात के आयोजकों के खिलाफ आईपीसी की धारा 269, 270, 271 और 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है.

इस बीच दिल्ली पुलिस ने एक लिस्ट भी जारी की है, जिसमें मरकज से जुड़े 157 लोगों का जिक्र है जो दिल्ली की अलग- अलग मस्जिदों और जगहों पर पनाह लिए हुए हैं. इनमें 94 इंडोनेशिया, किर्गिस्तान के 13, बांग्लादेश के 9 , मलेशिया के 8 , अल्जीरिया के 7, इटली, बेल्जियम और ट्यूनीशिया के एक-एक लोग शामिल हैं. बाकी हिंदुस्तानी हैं. पुलिस का कहना है कि जहां ये लोग रह रहे हैं, वहां सोशल डिस्टेंसिंग नहीं हो सकती है.

मरकज की लापरवाही से कितना बड़ा संकट पैदा हो गया है, इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि यहां जमात का हिस्सा रहे 93 लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है, जिनमें सबसे ज्यादा 45 तमिलनाडु, 9 अंडमान और 24 दिल्ली के हैं.

जबकि 303 लोगों में कोरोना के लक्षण देखे गए हैं. जमात में शामिल 334 लोगों को दिल्ली के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. 700 से ज्यादा लोगों को क्वारंटीन किया गया है.

मुश्किल इस बात की भी है कि मरकज को अब भी नहीं लगता कि उसने कुछ भी गलत किया है. मरकज के प्रवक्ता मोहम्मद अशरफ सारा ठीकरा पुलिस और प्रशासन पर फोड़ रहे हैं. चिट्ठी का हवाला देते हुए वो दावा करते हैं कि मरकज के लोग 23 मार्च को पुलिस के पास गए थे, लेकिन उन्हें कोई सहयोग नहीं मिला, लेकिन 23 मार्च का निजामुद्दीन पुलिस थाने का एक वीडियो मरकज के दावों की पोल खोल देता है.

वीडियो में एसएचओ मुकेश वालिया जमात को नोटिस देते हुए कहते हैं कि 5 से ज्यादा लोग नहीं रहने चाहिए वरना वो सख्त एक्शन लेने को मजबूर होंगे. निजामुद्दीन स्थित इस मरकज से निकला कोरोना का खतरा कई राज्यों तक जा पहुंचा है.

दिल्ली में तबलीगी जमात में शामिल लोगों का कनेक्शन कश्मीर से अंडमान निकोबार तक पहुंच गया है. देश के 19 राज्यों से लोग जमात में शामिल होने दिल्ली आए थे. उत्तर प्रदेश के 19 जिलों में जमातियों की तलाश की जा रही है.

निजामुद्दीन स्थि मरकज में शामिल जमातियों में से 10 की कोरोना वायरस के चलते मौत हो चुकी है. तेलंगाना में 7 लोगों की मौत हुई है, जबकि कश्मीर में एक जमाती की कोरोना वायरस के चलते मौत हो गई है.

मरकज में दुनिया के तमाम देशों से लोग आए थे. इनमें इंडोनेशिया, चीन, इंग्लैंड, मलेशिया, बांग्लादेश, श्रीलंका, अफगानिस्तान, सऊदी अरब और इंग्लैंड के जमाती शामिल थे.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *