शहीदों को याद कर फफक-फफक कर रो पड़े भाजपा विधायक

देहरादून। त्रिवेंद्र सरकार आज सोमवार को विधानसभा में आम बजट पेश करेगी। इससे पहले पुलवामा शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। वहीं सत्र के दौरान भाजपा विधायक गणेश जोशी पुलवामा शहीदों को याद कर फफक-फफक कर रो पड़े।


इससे पहले विधानसभा सत्र में प्रश्नकाल टाल दिया गया। सोमवार को कश्मीर में आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में 4 जवानों के शहीद होने की सूचना पर सदन में शोक प्रस्ताव पर चर्चा हुई। शोक प्रस्ताव पर आतंकी हमले में शहीदों की शहादत पर गणेश जोशी व करण महरा फफक पड़े। स्पीकर प्रेम चंद अग्रवाल के भी आंसू छलक पड़े। विधानसभा अध्यक्ष भी भावुक हो गए। इसके बाद 12 बजकर 20 मिनट तक सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। उसके बाद कार्यवाही शुरू हुई, लेकिन विपक्ष सदन से नदारद रहा।

चुनावी वर्ष में बजट के लोक लुभावन होने की संभावना है। वित्त मंत्री प्रकाश पंत वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए बजट अनुमान सदन पटल पर प्रस्तुत करेंगे। सरकार बजट में खेती और किसानों के साथ स्वरोजगार, सहकारी क्षेत्र और जैविक खेती को विशेष प्रोत्साहन के लिए घोषणाएं कर सकती है। बजट में किसानों, बेरोजगारों, ग्रामीणों, वंचितों, गरीबों और कमजोर तबके लिए भी कुछ नई योजनाओं के प्रावधान के संकेत हैं। इससे पहले सरकार ने 15 फरवरी को बजट पेश करना था, लेकिन पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों के शोक में इसे टाल दिया गया था।

वर्ष 2018-19 के वित्तीय वर्ष के लिए सरकार ने 45585.09 करोड़ रुपये का बजट पास किया था। बजट में सरकार ने कौशल विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र को खास प्राथमिकता दी थी। अब 2019-20 के बजट में सरकार प्राथमिकता क्षेत्र में शामिल कृषि, पशुपालन, वानिकी, मत्स्य पालन, खनन के क्षेत्र में घोषणा कर सकती है।


मंत्रिमंडल की बैठक आज

प्रदेश सरकार के सामने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का संकल्प भी पूरा करने का लक्ष्य है। ऐसे में संकेत हैं कि बजट में सरकार पर्यटन, व्यापार, परिवहन, सड़क एवं संचार क्षेत्र को प्राथमिकता दे सकती है। पिछले बजट में जो घोषणाएं सरकार ने की थीं, उनमें बजटीय प्रावधान को सरकार बढ़ा सकती है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में आज सोमवार को सुबह 10 बजे विधानसभा भवन में मंत्रिमंडल की बैठक होगी। बैठक में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कचरा प्रबंधन को लेकर डोर टू डोर कचरा उठान को लेकर नीति आ सकती है।

इससे निकाय और ग्रामीण क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था हो सकेगी। इसके अलावा कुछ विभागीय नियमावलियों पर भी मुहर लग सकती है। वहीं, शहरी विकास विभाग में आवासीय और व्यावसायिक भवनों के निर्माण को लेकर कुछ नीतिगत मसलों पर भी चर्चा हो सकती है। साथ ही 10 प्रतिशत आर्थिक आरक्षण में कुछ बदलाव को लेकर भी प्रस्ताव आने की संभावना है।

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