दून में बनेगा शिव और हरित पार्क

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन-टू-विजिबल डेवलपमेंट के तहत मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने शहरवासियों को सीधे राहत देने वाले कई अहम फैसले शनिवार को लिए। जिनसे देहरादून का चेहरा अब सिर्फ योजनाओं में नहीं, बल्कि लोगों के रोजमर्रा के जीवन में बदलता दिखेगा।

धर्मपुर चौक के पास शिव पार्क विकसित करने का निर्णय लिया गया है, जो स्थानीय क्षेत्र के लिए बड़ी बात है। मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में यहां भगवान शिव की प्रतिमा के साथ एक नया सार्वजनिक स्थल तैयार होगा, जहां आसपास के हजारों लोग हरियाली व खुला माहौल पा सकेंगे। एमडीडीए के अनुसार भविष्य में यह स्थल धार्मिक व सांस्कृतिक गतिविधियों का नया केंद्र बनेगा।

प्राधिकरण उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में सहस्रधारा ट्रेंचिंग ग्राउंड को माडल हरित पार्क में बदलने का निर्णय लिया गया, जिससे शहर को एक और खुली सांस लेने की जगह मिलेगी। ट्रेंचिंग ग्राउंड को दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के पार्कों की तर्ज पर आधुनिक पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए डीपीआर तैयार करने और टीम को दिल्ली भेजने के निर्देश भी दिए गए। मसूरी रोड पर वैली साइड लाइटिंग बेहतर करने से रात में यात्रा करने वालों को हादसों और अंधेरे से मुक्ति मिलेगी।

शहर के प्रमुख मार्गों पर फुटपाथ निर्माण और व्यापक पौधारोपण के निर्णय से पैदल यात्रियों, बच्चों, वृद्धों और दफ्तर जाने वालों की सुविधा बढ़ेगी, वहीं प्रदूषण पर भी लगाम लगेगी। उपाध्यक्ष तिवारी ने साफ किया है कि दून शहर अब दबाव में बढ़ने वाला शहर नहीं, बल्कि योजनाबद्ध, सुरक्षित और नागरिक-केंद्रित विकास की ओर बढ़ रहा है। मानचित्र स्वीकृति से लेकर साफ-सुथरे सार्वजनिक स्थल और नियंत्रित निर्माण प्राधिकरण की प्राथमिकता हैं। बैठक में प्राधिकरण सचिव मोहन सिंह बर्निया समेत सभी अभियंता व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

एमडीडीए की बैठक में लैंड पूलिंग के तहत खरीदी जमीन पर मई-2026 तक नई प्लाटेड हाउसिंग योजना शुरू करने पर भी सहमति बनी। धौरण क्षेत्र में प्रस्तावित परियोजना बेहतर प्लानिंग, पर्यावरण-अनुकूल ढांचे व साफ नियमों वाली यह परियोजना मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए नये अवसर खोलेगी।

बैठक में आवासीय व व्यावसायिक मानचित्रों की सेक्टरवार समीक्षा हुई। उपाध्यक्ष तिवारी ने निर्देश दिया कि मानचित्र स्वीकृति को सरल और तेज बनाया जाए, ताकि नागरिकों को अनावश्यक दौड़भाग न करनी पड़े। साथ ही उन प्रकरणों पर सख्ती बरतने के लिए समिति गठित की गई, जिनमें मानचित्र स्वीकृति या शमन के बाद भी शुल्क जमा नहीं किया गया। प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने को कहा गया।

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने शहर को अवैध निर्माणों से मुक्त करने के लिए सेक्टरवार संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। अवैध प्लाटिंग और अनियमित निर्माण की जानकारी पहली बार एमडीडीए की वेबसाइट पर खुलकर डाली जाएगी, जिससे नागरिक ठगी से बच सकें। नियम तोड़ने वालों पर मौके पर ही कार्रवाई होगी, जबकि आम नागरिक को सुगम प्रक्रिया और साफ व्यवस्था मिलेगी।

अवैध निर्माण पर जीरो टालरेंस और सभी विकास कार्यों में पारदर्शिता प्राधिकरण की प्राथमिकता है। गुणवत्ता, समयबद्धता और नियमों का पालन सुनिश्चित करते हुए जनहित के विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ाए जा रहे हैं। प्राधिकरण क्षेत्र में अब विकास सिर्फ निर्माण तक नहीं, बल्कि नियमन, हरियाली और सुरक्षित शहरी भविष्य पर केंद्रित होगा। -बंशीधर तिवारी, उपाध्यक्ष, एमडीडीए

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