हड़कंप: जहरीली शराब पीने से 30 लोगों की मौत

अमृतसर। पंजाब के कई जिलों में जहरीली शराब पीने से 30 लोगों की मौत हो गई। मरने वाले तरनतारन, अमृतसर और बटाला क्षेत्र के हैं। इससे हड़कंप मच गया है।

य‍े मौतें वीरवार से लेकर अब तक जहरीली शराब पीने से 30 लोगों की मौत हो गई है। तरनतारन में 15, अमृतसर में आज दो और बटाला में दो लोगों की मौत हुई है। दो दिन में अमृतसर में नौ और बटाला के छह लोगों की मौत जहरीली शराब पीने से हुई है।

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अमृतसर, बटाला और तरनतारन में शराब पीने से हुई मौतों के मामले में जालंधर के डिविजनल कमिश्नर को न्यायिक जांच करने के आदेश दिए हैं। इस जांच में ज्वाइंट एक्सरसाइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर और संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षक भी शामिल होंगे।

उधर, पंजाब पुलिस के डीजीपी दिनकर गुप्ता द्वारा जारी किए गए प्रेस बयान में कहा गया है कि मौत के पहले पांच मामले अमृतसर ग्रामीण क्षेत्र मैं मुच्छल और टांगरा गांव में सामने आए थे। इस मामले में मृतकों में गांव मुच्छल के मंगल सिंह, बलविंदर सिंह, दलबीर सिंह, गुरप्रीत सिंह, कश्मीर सिंह ,काका सिंह ,कृपाल सिंह ,जसवंत सिंह , जोगा सिंह के अलावा कांगड़ा गांव के बलदेव सिंह शामिल हैं। बटाला शहर में बूटा राम, भिंडा , रिंकू सिंह, काला, कालू , बिल्ला और जितेंद्र की मौत हुई है।

इन लोगों की मौत देसी ढंग से घरों में तैयार की गई अवैध शराब पीकर हुई है। मारे गए लोगों में गांव नौरंगाबाद निवासी धर्म सिंह, साहिब सिंह, तेजा सिंह, हरबंस सिंह, सुखदेव सिंह, गांव मल्लमोहरी निवासी मिट्ठू सिंह, नाजर सिंह (पिता-पुत्र), जोधपुर निवासी मिट्ठू सिंह, भुल्लर निवासी प्रकाश सिंह, गांव बचड़े गुरमेल सिंह के अलावा तरनतारन निवासी रंजीत सिंह, हरजीत सिंह, हरजीत सिंह हीरा, भाग मल्ल सिंह, अमरीक सिंह शामिल है। डीसी कुलवंत सिंह धूरी का कहना है कि मामले की जांच के आदेश दिए गए है।

जानकारी के अनुसार, गांव मुच्छल में वीरवार को जहरीली शराब पीने से पांच लोगों की मौत के बाद शुक्रवार को आसपास के गांव के 16 और लोगों ने दम तोड़ दिया। वीरवार को मरे लोगों की पहचान दलबीर सिंह, बलविंदर सिंह, गुरप्रीत सिंह, मंगल सिंह व बलदेव सिंह के रूप में हुई थी। इन पीडि़त परिवारों ने पुलिस को सूचित किए बिना ही शवों का अंतिम संस्कार कर दिया। साथ ही आरोप लगाया कि गांव के कई घरों में देसी शराब निकालकर बेची जाती है।

सब इंस्पेक्टर अनूप सिंह ने बताया कि पुलिस पीडि़तों के बयान ले रही है। मुच्छल गांव निवासी जागीर कौर ने बताया कि उसका बेटा गुरप्रीत सिंह पिछले तीन साल से शराब पी रहा था। मंगलवार को उसने काफी शराब पी। देर रात उसकी तबीयत बिगड़ गई। बुधवार को उसने दम तोड़ दिया।

वहीं मंगल सिंह, दलबीर सिंह, बलदेव सिंह और बलविंदर सिंह के स्वजनों ने बताया कि चारों ने मंगलवार को गांव में ही शराब पी थी। सभी की मौत बुधवार को हुई। पीडि़त परिवारों ने आरोप लगाया कि गांव में अवैध शराब का धंधा पुलिस की मिलीभगत से चल रहा है। यहां 30 से अधिक घर अवैध शराब का कारोबार कर रहे हैं। सस्ती शराब के चक्कर में युवाओं की जिंदगी से खेला जा रहा है। एसएसपी विक्रमजीत दुग्गल ने कहा कि मामले की पूरी जांच करवाई जाएगी।

तरनतारन के गांव रटौल में गत दिवस अवैध देसी शराब पीने से तीन लोगों की मौत हो गई। एक व्यक्ति की आंखों की रोशनी चली गई थी। यहां भी पीडि़त परिवारों ने भी पुलिस को सूचित किए बिना ही शवों का अंतिम संस्कार कर दिया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *