जिंदगी बचाने की जद्दोजहद जारी

उत्‍तरकाशी :उत्तरकाशी द्रौपदी का डांडा में एवलांच आने के बाद लापता करीब 25 पर्वतारोहियों की खोजबीन के लिए घटना के दूसरे दिन बुधवार तड़के से बचाव अभियान शुरू कर दिया।

एडवांस कैंप से एसडीआरएफ व नेहरू पर्वतारोहण संस्थान की टीम ने भी खोज बचाव टीम ने भी बुधवार तड़के अपना अभियान शुरू कर दिया है। बुधवार को हर्षिल आर्मी हेलीपैड से चीता हेलीकॉप्टर मे माध्‍यम से छह घायलों को लाया गया। इसमें एक प्रशिक्षक व पांच प्रशिक्षु घायलों को मातली उत्तरकाशी पहुंचाया गया है। सभी को हल्‍की चोट आई हैं।

जानकारी के मुताबिक डोकराणी ग्लेशियर क्षेत्र में साढ़े 18600 फीट ऊंचाई पर स्थित द्रौपदी के डांडा में नेहरु पर्वतारोण संस्थान (निम) का 42 सदस्यीय प्रशिक्षण दल के मंगलवार को एवलांच (हिमस्खलन) की चपेट में आने के बाद से 25 पर्वतारोही लापता हैं।

लापता सदस्यों के एवलांच में दबने और ग्लेशियर के बीच बड़ी दरारों (क्रेवास) में फंसे होने का अनुमान है। मंगलवार को वायुसेना की टीम की अगुआई में लापता सदस्यों की खोजबीन की गई है, लेकिन मौसम के कारण खोजबीन में बाधा आती रही। बुधवार सुबह फिर से अभियान शुरू किया गया।

वायुसेना ने दो चीता हेलीकॉप्टर रेस्क्यू के लिए हर्षिल में तैनात किए गए हैं। लापता सदस्यों में दिल्ली, बंगाल, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, असोम, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, गुजरात और उत्तर प्रदेश के प्रशिक्षणार्थी हैं।

दल में बतौर प्रशिक्षक शामिल एवरेस्ट विजेता सविता कंसवाल समेत चार की मृत्यु हो चुकी है। चार घायलों को रेस्क्यू कर उन्हें एडवांस कैंप में उपचार दिया जा रहा है। दल के आठ सदस्य सुरिक्षत हैं। बीते 32 सालों में उत्तराखंड में एवलांच की 16 बड़ी घटनाओं में 60 पर्वतारोहियों की जान जा चुकी है।

पर्वतारोही दल में पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद हरिद्वार रमेश पोखरियाल निशंक के दामाद मेजर देवल वाजपेयी भी शामिल हैं और सुरक्षित हैं। घटना की जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी सांसद निशंक से फोन पर बात की।

देर रात पूर्व मुख्यमंत्री निशंक ने बताया कि उनके दामाद मेजर वाजपेयी इस पर्वतारोही दल का हिस्सा थे। हिमस्खलन के बाद वह संभवतया उन कुछ पर्वतारोही में शामिल रहे, जो सुरक्षित निकल आए या निकाल लिए गए।

निशंक के अनुसार दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद उनके स्वजन की मेजर देवल से दोपहर 12 बजे फोन पर बात हुई, जिससे उनके सुरक्षित होने की जानकारी मिली। उन्होंने बताया कि उसके बाद मेजर देवल से संपर्क नहीं हो पाया क्योंकि वह उसी स्थान के निकट रेस्क्यू अभियान में शामिल हैं, जहां हिमस्खलन की चपेट में पर्वतारोही दल आया।

लापता विभिन्न राज्यों के पर्वतारोहियों की सूची
नाम, राज्य
अतानु धर, दिल्ली
सौरव विश्वास, बंगाल
अमित कुमार शाह, बंगाल
संदीप सरकार, बंगाल
नितीश, हरियाणा
रजत सिंघल, हरियाणा
वामसिदर रेड्डी, तेलंगाना
विक्रम रमन, तमिलनाडु
विक्रम एम, कर्नाटक
दीपशिखा हजारिका, असम
गोहिल अर्जुनसिन, गुजरात
रक्षित के., कर्नाटक
टिक्लू जायरवा, उड़ीसा
ले. क. दीपक वशिष्ठ, हिमाचल
शिवम कैंथला, हिमाचल
अंशुल कैंथला, हिमाचल
विनय पंवार, उत्तराखंड
शुभम सांगरी, उत्तराखंड
नरेंद्र सिंह, उत्तराखंड
सिद्धार्थ खंडूरी, उत्तराखंड
सतीश रावत, उत्तराखंड
राहुल पंवार, उत्तराखंड
कपिल पंचार, उत्तराखंड
अजय बिष्ट, उत्तराखंड
संतोष कुकरेती, उत्तराखंड

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