नई दिल्ली। इजरायल की ओर से जमीनी हमले के डर से हजारों फलस्तीनी गाजा सिटी के पूर्वी इलाकों में अपने घरों को छोड़कर तबाह हुए इलाके के पश्चिम और दक्षिण की ओर भाग रहे हैं। बेत लाहिया में फलस्तीनी आश्रय प्रबंधक अहमद महेसेन ने कहा कि हाल के दिनों में 995 परिवार इस क्षेत्र को छोड़कर दक्षिण की ओर चले गए हैं।
इजरायली सैन्य प्रमुख इयाल जमीर ने कहा है कि सेना गाजा पट्टी के सबसे बड़े शहरी केंद्र गाजा सिटी पर कब्जा करने के लिए जल्द ही नया अभियान शुरू करेगी। सेना ने चेतावनी दी है कि हमले का विस्तार करने से जीवित बंधकों को खतरा हो सकता है। वहीं, हजारों इजरायलियों ने रविवार को विरोध प्रदर्शन किया और लड़ाई समाप्त करने और बंधक बनाए गए शेष बंधकों को मुक्त करने के लिए समझौते का आग्रह किया।
होने वाले हमले को देखते हुए मिस्त्र और कतर के युद्धविराम मध्यस्थों ने समझौता कराने के प्रयासों को तेज कर दिया है। हमास के एक अधिकारी ने सोमवार को कहा कि समूह ने नवीनतम युद्धविराम प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अधिकारी ने आगे कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी और यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो पाया कि उन्होंने क्या स्वीकार किया।
फलस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि गाजा में 22 महीने से चल रहे युद्ध में 62,000 से जयादा फलस्तीनी मारे गए हैं। मंत्रालय ने बताया कि 156,230 लोग घायल हुए हैं। सहायता प्राप्त करते समय या सहायता वितरण स्थलों के पास 1,965 लोग मारे गए।
सोमवार सुबह सहायता प्राप्त करने की कोशिश में सात फलस्तीनी मारे गए। इसबीच, इजरायल ने कहा है कि नौ देशों के सहयोग से गाजा में 161 खाद्य सहायता पैकेट गिराए गए। साथ ही सेना ने दक्षिणी गाजा के खान यूनिस के पुराने कब्रिस्तान क्षेत्र में एक सशस्त्र आतंकवादी सेल को नष्ट कर दिया है।
इजराइल के विदेश मंत्री ने कहा कि उन्होंने फलस्तीनी प्राधिकरण में ऑस्ट्रेलियाई राजनयिकों के वीजा रद कर दिए हैं। यह कदम कैनबरा द्वारा फलस्तीनी राज्य को मान्यता देने और एक इजरायली सांसद का वीजा रद करने के निर्णय के बाद उठाया गया है। वहीं, नार्वे वेल्थ फंड ने वेस्ट बैंक और गाजा से जुड़ी छह कंपनियों को अपने पोर्टफोलियो से बाहर करने का फैसला किया है।