अनलॉक-4 : केंद्र सरकार ने गाइड लाइन कर दी जारी, बंद रहेंगे स्कूल

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने ‘अनलॉक 4’ के लिए गाइडलाइन जारी कर दी है। सबसे बड़ी बात यह कि देशभर में मेट्रो सेवाओं को बहाल करने की हरी झंडी दी गई है।

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने कहा है कि केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार दिल्ली मेट्रो सात सितंबर से अपनी सेवाओं को सार्वजनिक रूप से फिर से शुरू करेगी। मेट्रो के संचालन को लेकर विस्तृत एओपी जारी की जाएगी। दिशा निर्देशों में यह भी कहा गया है कि सामाजिक, शैक्षणिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनीतिक समारोह और अन्य जमावड़ों को 100 व्यक्तियों की अधिकतम सीमा के साथ 21 सितंबर से अनुमति दी जाएगी।

अब कोई भी राज्य बिना केंद्र सरकार की इजाजत के अलग से लॉकडाउन नहीं लगा सकता है। दिशा निर्देशों में कहा गया है कि राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की सरकारें केंद्र सरकार के परामर्श के बिना कंटेनमेंट जोन को छोड़कर किसी भी स्थानीय स्तर पर लॉकडाउन नहीं लगाएंगी। कंटेनमेंट जोन में 30 सितंबर तक लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराया जाएगा।राज्‍य के भीतर और एक से दूसरे राज्‍य में आने जाने पर कोई रोक नहीं होगी। यहां तक कि किसी को भी देश में कहीं भी जाने के लिए अलग से अनुमति नहीं लेनी होगी।

आगामी 21 सितंबर से खुली हवा वाले थिएटरों (ओपन-एयर थिएटर को छोड़कर) को खोलने की अनुमति होगी। स्कूल-कॉलेज 30 सितंबर तक बंद रहेंगे। इस अवधि तक ऑनलाइन और दूरस्‍थ शिक्षा को बढ़ावा दिया जाएगा।सभी को सोशल डिस्टेंसिंग रखनी होगी। दुकानों पर ग्राहकों के बीच भी सोशल डिस्टेंसिंग रखना अनिवार्य होगा। यहां तक कि इस पर गृह मंत्रालय खुद नजर रखेगा।

पहले की तरह ही 65 साल से ज्‍यादा उम्र के लोगों और 10 साल से कम उम्र के बच्‍चों, गर्भवती महिलाओं एवं दूसरी घातक बीमारियों से जूझ रहे लोगों को जरूरी ना होने की दशा में बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है।

इन गतिविधियों को इजाजत नहीं

1- सिनेमा हॉल, स्विमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, क्‍लोज्‍ड थिएटर बंद रहेंगे

2- केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा अनुमति के अलावा शेष अंतर्राष्ट्रीय हवाई यात्राएं

3- पैसेंजर ट्रेनें बंद रहेंगी केवले चुनिंदा ट्रेनों के संचालन को इजाजत

दिशानिर्देशों में शादी समारोह और अंतिम संस्कार का अलग से जिक्र नहीं है, लेकिन माना जा रहा है कि इनमें भी 100 लोगों के भाग लेने की इजाजत होगी। पहले शादी में 50 और अंतिम संस्कार में केवल 20 लोगों के उपस्थित रहने की अनुमति थी।

वैसे तो सभी स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थानों को खोलने की इजाजत नहीं मिली है, लेकिन मार्च से बंद पड़े हाईस्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों में पहली बार हलचल शुरू होगी। 21 सितंबर के बाद 50 फीसद शिक्षकों और गैर-शिक्षक स्टाफ को स्कूल में आने की इजाजत दी गई है। ये ऑनलाइन कक्षाओं और टेली-काउंसिलिंग व स्कूल की अन्य गतिविधियों को अंजाम दे सकेंगे।

स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों में भी पहली बार सीमित गतिविधियों की इजाजत दी गई है। सबसे अहम बात यह है कि पहली बार स्कूल में बच्चों को इजाजत मिली है। कंटेनमेंट जोन से बाहर के स्कूलों में नौंवी से 12वीं तक के छात्रों को जाने की इजाजत दी गई है। स्कूल इसके लिए बच्चों पर दबाव नहीं डाल सकेंगे, साथ ही बच्चों के माता-पिता से लिखित अनुमति भी लेनी होगी।

आइआइटी और आइआइएम जैसे तकनीकी और प्रबंधन से जुड़े पेशेवर शिक्षण संस्थानों को पीजी के छात्रों के लिए पहली सितंबर से खोलने की छूट दे दी गई है। इसके साथ ही पीएचडी जैसे शोध कार्यों से जुड़े उच्च शिक्षण संस्थानों को भी खोलने की इजाजत मिल गई है।

इन शिक्षण संस्थानों को खोलने के लिए उच्च शिक्षा विभाग कोरोना की स्थानीय स्थिति को देखते हुए एसओपी जारी करेगा। इसके साथ ही युवाओं के कौशल विकास से जुड़े प्रशिक्षण संस्थानों को भी खोलने की इजाजत मिल गई है।

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