उत्तराखंड:बादलों का डेरा, कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी, बढ़ी सर्दी

देहरादून। होली का दिन भले ही उत्तराखंड के लोगों को राहत लेकर आया, लेकिन इसके बाद मौसम ने करवट बदल ली। उत्तराखंड में बादलों का डेरा है। कई स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी का दौर शुरू हो गया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 13 फरवरी तक मौसम से कोई राहत नहीं मिलेगी। इस दौरान निचले क्षेत्र में हल्की बूंदाबांदी होती रहेगी, वहीं, ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावनाएं हैं।

होली की सुबह से ही उत्तराखंड में मौसम साफ रहा। इससे लोगों ने राहत महसूस की। साथ ही खूब जमकर होली खेली। दोपहर तक मौसम गर्म रहने से गर्मी का अहसास होने लगा। इसके बाद शाम के समय हवाओं के साथ आसमान में बादल भी छाने लगे। साथ ही सर्द हवाओं के चलते तापमान में भी गिरावट आने लगी। लोगों के गर्म कपड़े फिर से निकल गए।

बुधवार की सुबह गढ़वाल मंडल के देहरादून, हरिद्वार, चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, टिहरी और पौड़ी में बादल छा गए। वहीं, देहरादून, ऋषिकेश में सुबह से ही हल्की बारिश का दौर शुरू हा गया। इसी तरह कुमाऊं में भी चंपावत, नैनीताल, पिथौरागढ़, रुद्रपुर, अल्मोड़ा, बागेश्वर आदि स्थानों पर बादलों ने डेरा जमा लिया। रामनगर में सुबह के समय हल्की बूंदाबांदी से फिर से सर्दी लौट आई।

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार अगले चौबीस घंटे में प्रदेशभर में कहीं-कहीं हल्के बादल छाये रह सकते हैं। चमोली, रुद्रप्रयाग व पिथौरागढ़ जिले के ऊपरी इलाकों में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान है। साथ ही तीन हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाली चोटियों पर हिमपात हो सकता है।

मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि 13 फरवरी तक एक बार फिर मौसम परिवर्तनशील रहेगा। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश के मैदानी इलाकों में बारिश व ऊंची पहाड़ियों में बर्फबारी का अनुमान है। अगले तीन दिनों तक राज्यभर में बारिश व बर्फबारी से अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस गिरने का अनुमान है।

हरिद्वार जिले में 12 से 14 मार्च के बीच मौसम में एक बार फिर बदलाव के आसार हैं। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि इस बीच ओलावृष्टि और गरज के साथ कुल 47 मिमी बरसात होगी।

हरिद्वार जिले में 10 और 11 मार्च को उत्तर-पश्चिम तथा 12 से 14 मार्च को दक्षिण-पूर्व दिशा से 6 से 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने और बारिश की संभावना है। साथ ही इस सप्ताह बहुत हल्के से घने बादल छाए रहने का भी पूर्वानुमान है।

पौड़ी गढ़वाल तथा देहरादून जिले में 12 से 14 मार्च के बीच क्रमश: 38 मिमी व 60 मिमी बरसात होने की संभावना है। आइआइटी रुड़की के जल संसाधन विकास एवं प्रबंधन विभाग में संचालित ग्रामीण कृषि-मौसम सेवा परियोजना के नोडल अधिकारी प्रो. आशीष कुमार पाण्डेय ने बताया कि ओलावृष्टि और गरज के साथ छींटे व बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए किसान 14 मार्च तक ङ्क्षसचाई, कीटनाशकों का छिड़काव तथा उर्वरकों का उपयोग न करें।

उन्होंने बताया कि गेहूं, गन्ने एवं सब्जियों की खेती करने वाले किसान निचले एवं गहरे स्तर के खेतों से पानी की अत्यधिक मात्रा को निकालने के लिए जल निकास की उचित व्यवस्था करें। वहीं वसंतकालीन गन्ने की बुवाई करते समय भी किसान मौसम पूर्वानुमान का ध्यान रखें।

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