देहरादून। उत्तराखंड पुलिस ने डिजिटल पुलिसिंग और न्यायिक प्रणाली के आधुनिकीकरण में देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो द्वारा प्रकाशित क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स (सीसीटीएनएस) व द इंटर-ओपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आइसीजेएस) प्रगति डैशबोर्ड रिपोर्ट की मासिक रैंकिंग में पहला स्थान प्राप्त किया है।
पुलिस मुख्यालय के सरदार पटेल भवन स्थित सभागार में पत्रकारों से बातचीत में पुलिस महानिरीक्षक एवं मुख्य प्रवक्ता सुनील कुमार मीणा ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आइसीजेएस-2.0 को इसी वर्ष पूर्ण रूप से लागू करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
इसके अंतर्गत राज्यों को पुलिस, न्यायालय, अभियोजन, जेल, फारेंसिक और फिंगरप्रिंट डाटाबेस को एकीकृत डिजिटल प्लेटफार्म पर जोडऩा है। उत्तराखंड ने इस दिशा में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए अधिकांश माड्यूल्स का समय पूर्व एकीकरण कर लिया है। उन्होंने बताया कि मौजूदा रैंकिंग में उत्तराखंड को 93.46 अंक, हरियाणा को 93.41 अंक और असम को 93.16 अंक प्राप्त हुए हैं।
उन्होंने बताया कि प्रयागराज महाकुंभ में एसडीआरएफ ने उत्कृष्ट कार्य किया। वाटर रेस्क्यू, प्राथमिक उपचार, लापता श्रद्धालुओं की सहायता, समन्वित रेस्क्यू कार्य और अन्य आवश्यक सेवाओं में पूर्ण निष्ठा, अनुशासन, समर्पण एवं तत्परता से कार्य किया गया। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दिए गए मेडल एवं प्रशस्ति पत्र भी अधिकारियों व जवानों को प्रदान किए।
इस दौरान उप महानिरीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल, सेनानायक एसडीआरएफ अर्पण यदुवंशी और पुलिस अधीक्षक विशाखा अशोक भदाणे भी उपस्थित थीं।

