उत्तराखंडः बारिश और बर्फबारी के आसार

देहरादून : प्रदेश में वर्षा व बर्फबारी के आसार बन रहे हैं। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता बढ़ने के कारण मौसम में ये बदलाव देखने को मिल रहा है। पर्वतीय क्षेत्रों में आज कहीं-कहीं हल्की से मध्यम वर्षा और हिमपात हो सकता है। इस कारण तापमान में गिरावट आ सकती है। वहीं सोमवार को देहरादून में बादल छाए रहे और बीच-बीच में हल्‍की धूप निकलती रही।

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार ताजा पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में सक्रिय है। साथ ही पाकिस्तान की ओर से साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी हिमालयी क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है। जिससे सोमवार को प्रदेश में कहीं-कहीं बादल छाये रह सकते हैं।

उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग में वर्षा और बर्फबारी हो सकती है। अन्य जिलों में कहीं-कहीं ओलावृष्टि के आसार हैं। अगले तीन दिन में प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।

देवाल-खेता मोटर मार्ग सुयालकोट में भूस्खलन के चलते 12 दिनों से बंद है, जिससे क्षेत्र के छह से अधिक गांव के लोग मुख्यालय से कट गए हैं। वहीं आवश्यक सामग्री न पहुंचने और बीमार को अस्पताल तक पहुंचाने में पैदल आवाजाही का वैकल्पिक मार्ग भी नहीं बनाया जा रहा है।

लगभग आठ हजार की आबादी के इस क्षेत्र में आवश्यक सामग्री न पहुंचने से खाद्यान्न संकट गहराने के आसार बने हैं। पूर्व जेष्ठ प्रमुख मोहन राम आर्य, पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजेन्द्र दानू, प्रधान उदयपुर सरोजनी बागड़ी, क्षेपस जशवंत कुंवर, पान सिंह गडिया ने कहा कि लोग दो किमी चढ़ाई पार कर किसी तरह दूसरे छोर पर पहुंच रहे हैं। लोगों ने शीघ्र ही वैकल्पिक रास्ता बनाकर क्षेत्र में आवश्यक सामग्री पहुंचाने की मांग की है।

पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता प्रमोद गंगाडी ने कहा कि लगातार भूस्खलन से मोटर मार्ग खुलने में विलंब हो रहा है। ऐसे में वैकल्पिक पैदल मार्ग बनाने के लिए विभाग ने काम करना शुरू कर दिया है जो जल्द तैयार कर दिया जाएगा।

उत्‍तराखंड के कई इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए। रिक्‍टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 4.7 रही। देहरादून जिले में जौनसार के प्रमुख पर्यटन स्थल लाखामंडल व बोंदूर खत से जुड़े कई अन्य गांवों में भी भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। भूकंप आने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। दहशत की वजह से कुछ लोग घरों से बाहर से निकले।

हालांकि भूकंप से सीमांत क्षेत्र में किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ। देहरादून जनपद के सीमावर्ती लाखामंडल व बोंदूर खत के कई गांवों उत्तरकाशी जनपद की सीमा से सटे हैं। दोनों जनपद की सीमा के बीच बह रही यमुना नदी से जुड़े लाखामंडल क्षेत्र के इस ओर जौनसार का इलाका और दूसरी ओर उत्तरकाशी के नौगांव-बडकोट का इलाका पड़ता है।

सुबह करीब साढ़े आठ बजे लाखामंडल व बोंदूर खत के कुछ ग्रामीण इलाकों में भूकंप के हल्के झटके महसूस हुए। घरों में बैठे कई लोग भूकंप आने से दहशत में आ गए। लाखामंडल में सुबह दो बार भूकंप के हल्के झटके आने से ग्रामीणों में हडकंप मच गया।

स्थानीय निवासी एवं लोक कलाकार बाबूराम शर्मा व जौनसार-बावर जनकल्याण विकास समिति अध्यक्ष बचना शर्मा ने कहा कि सीमांत क्षेत्र में भूकंप आने से कई लोग घरों से बाहर की तरह दौड़े।

बताया जा रहा भूकंप का केंद्र उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ में था। जिससे सीमावर्ती ग्रामीण इलाकों में लोग भूकंप आने से सहम उठे। क्षेत्र में भूकंप की तीव्रता काफी कम रही। इससे किसी प्रकार के जनहानि की कोई सूचना नहीं है।

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