उत्तराखंड : बदलने लगा मौसम, छह जिलों में बारिश के आसार

देहरादून। उत्तराखंड में मौसम का मिजाज फिर बदलने लगा है। खासकर पर्वतीय इलाकों में बादल और धूप की आंख-मिचौनी के बीच उच्च हिमालयी क्षेत्र केदारनाथ समेत अन्य ऊंची चोटियों पर शनिवार को हिमपात हुआ। जबकि, मैदानों में हल्के बादल छाए रहे। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को भी प्रदेश में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार हैं। इस बीच पहाड़ों में ठंड में भी इजाफा होने लगा है। नई टिहरी, मसूरी सहित अन्य स्थानों पर सुबह-शाम कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है।

शनिवार को केदारनाथ की चोटियों पर दोपहर बाद हल्की बर्फबारी हुई। जिससे मंदिर परिसर में कड़ाके की ठंड महसूस की जाने लगी। वहीं, चमोली जिले की नीति-मलारी घाटी में भारी बर्फबारी के बाद ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गईं। छह दिन बाद भी सीमा सड़क संगठन की ओर से तमक में जोशीमठ-मलारी हाईवे को नहीं खोला जा सका है। इससे सीमांत क्षेत्र के एक हजार से अधिक ग्रामीण अभी भी गांवों में ही फंसे हुए हैं। उधर, कुमाऊं में भी दिनभर बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार बने रहे।

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह के मुताबिक रविवार को उत्तरकाशी, देहरादून, चमोली, हरिद्वार, नैनीताल और चंपावत में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। जबकि, 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार हैं।

वहीं, केदारनाथ में बर्फबारी के बावजूद भक्त लंबी लाइन लगाकर बाबा के दर्शनों को घंटों इंतजार करते रहे। बर्फबारी होने से केदारनाथ में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। वही अब तक डेढ़ लाख से अधिक भक्त भोले बाबा के दर्शन कर चुके हैं।शनिवार को केदारनाथ में दोपहर बाद बर्फबारी हुई। हालांकि बर्फ जमी नहीं, लेकिन बर्फबारी के बावजूद भक्त लंबी लाइन लगाकर केदार बाबा के दर्शनों का घंटों इंतजार करते रहे।

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उदय दिनमान’ एक वैचारिक आंदोलन भी है। इस आंदोलन का सरोकार आर्थिकी, राजनीति, समाज, संस्कृति, इतिहास व विकास से है। अकेले उत्तराखंड की बात करें तो यह क्षेत्र सदियों से न केवल धार्मिक आस्थाओं का केंद्र रहा है, बल्कि यह क्षेत्र मानव सभ्यता-संस्कृति का उद्गम स्थल भी समझा जाता रहा है। आधुनिक समय में विकास की अवधारणा के जन्म लेने के साथ हिमालयी समाज-संस्कृति को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ये चुनौतियां हमारी संस्कृति पर निरंतर प्रहार कर इसे गहरा आघात पहुॅचाने में तुली हुई है। हालांकि, सामाजिक, शारीरिक, आर्थिक आदि कष्टों के बावजूद यह संस्कृति अपने ताने-बाने से छिन्न-भिन्न नहीं हो सकी है। मगर निरंतर जारी प्रहारों से एकबारगी चितिंत होना स्वाभाविक है। ‘उदय दिनमान’ का प्रयास है कि राजनीति, समाज, संस्कृति, इतिहास, विकास व आर्थिकी पर निरंतर हो रहे आघातों से जनमानस को सजग रखने का प्रयास किया जाए। यह कहकर हम कोई बड़ा दंभ नहीं भर रहे हैं। यह हमारा मात्र एक लघु प्रयास भर है। हमारी अपेक्षा व आकांक्षा है कि हमारे इस प्रयास में आपकी भागीदारी ही नहीं सुनिश्चित हो, बल्कि आपके विस्तृत अनुभवों, विचारों, सुझावों व गतिविधियों का लाभ ‘उदय दिनमान’ के द्वारा व्यापक जनमानस तक पहुंचे। उक्त क्रम में ‘उदय दिनमान’ के प्रयासों को बल प्रदान करने के निमित आप अपने अनुभवों, सुझावों व विचारों को लेख अथवा यात्रावृत्त, संस्मरण, रिर्पोट, कथा-कहानी, कविता, रेखाचित्र, फोटो आदि के रूप में प्रेषित करने का कष्ट करें। संपर्क करें। https://www.udaydinmaan.com/ संतोष बेंजवाल संपादक कन्हैया विहार, निकट कारगी चैक, देहरादून (उत्तराखंड) udaydinmaan@gmail.com Phone:0135-3576257 Mob:+91.9897094986 Email: udaydinmaan@gmail.com