तेहरान: ईरान में एक बार फिर से प्रदर्शन शुरू हो गये हैं। सैकड़ों की संख्या में छात्र सुप्रील लीर अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ सड़क पर उतरकर नारेबाजी कर रहे हैं। स्थानीय मीडिया और सोशल मीडिया पर नये प्रदर्शन के कुछ वीडियो सामने आए हैं।
ईरान में ताजा प्रदर्शन उस वक्त शुरू हुआ है जब अमेरिकी हमले का खतरा काफी ज्यादा बढ़ा हुआ है। जनवरी के पहले हफ्ते में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया था। उन्होंने ईरान की सरकार को प्रदर्शनकारियों को मारने को लेकर चेतावनी भी दी थी। ट्रंप ने उस वक्त कहा था कि ‘मदद रास्ते में है।’ इसीलिए अब सवाल ये हैं कि क्या अब अमेरिकी हमला होने का समय आ गया है।
ईरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्ती करेगा, ये निश्चित है तो क्या अमेरिका को ईरान पर हमला करने का एक बहाना मिल गया है? रिपोर्ट के मुताबिक छात्रों ने शनिवार को ईरान के कई विश्वविद्यालयों में प्रदर्शन शुरू कर दिया है। नए सेमेस्टर की शुरुआत में प्रदर्शनकारियों और सरकार के समर्थक संगठनों के बीच झड़पें हुईं हैं। ईरान में दिसंबर-जनवरी में हुए प्रदर्शन में करीब 4000-5000 प्रदर्शनकारियों के मारे जाने की रिपोर्ट है। ईरान सरकार ने करीब 3800 लोगों की मौत की आधिकारिक तौर पर जानकारी दी थी।
ताजा प्रदर्शन, जनवरी में सरकार विरोधी हुए प्रदर्शन में मारे गये लोगों के लिए 40 दिनों के बाद आयोजित किए गये शोक समारोह से भी शुरू हुआ है। द इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के मुताबिक तेहरान की शरीफ यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्नोलॉजी का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें प्रदर्शन करने वाले लोग सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को “हत्यारा नेता” बताकर उनके खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।
इस दौरान वो ईरान के इस्लामिक क्रांति के दौरान हटाए गए शाह के देश निकाला पाए बेटे रेजा पहलवी को नई राजशाही भूमिका देने की वकालत कर रहे थे। SNN जैसी ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसियों ने झड़पों के वीडियो दिखाए हैं। इनमें कहा जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों ने ईरान की टॉप इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी पर पत्थर फेंककर वॉलंटियर स्टूडेंट बासिज मिलिशिया को घायल कर दिया।
बासिज मिलिशिया, सरकार समर्थक ग्रुप हैं और ये प्रदर्शन को कुचलने में सरकार की पुलिस और सेना की मदद करती है। मानवाधिकार संगठन HAALVSH के पब्लिश किए गए वीडियो के मुताबिक, राजधानी तेहरान में बेहेश्टी और अमीर कबीर यूनिवर्सिटी और नॉर्थ-ईस्ट में मशहद यूनिवर्सिटी में भी हिंसक प्रदर्शन हुए हैं।
वहीं, एक और मानवाधिकार ग्रुप हेंगाव के सोशल मीडिया पोस्ट के मुताबिक, प्रदर्शन के लिए हॉटस्पॉट माने जाने वाले पश्चिमी शहर अब्दानान में एक एक्टिविस्ट टीचर की गिरफ्तारी के बाद प्रदर्शनकारियों ने “खामेनेई की मौत” और “तानाशाह की मौत” के नारे लगाए हैं।
