चेतावनी: स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा-मानसून में बढ़ेगा कोरोना वायरस !

मानसून में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों के तेज होने की संभावना पर बोले एम्स दिल्ली के डॉयरेक्टर डॉ रणदीप गुलेरिया
डॉ गुलेरिया ने कहा- मानसून के दौरान हवा में नमी का कोरोना संक्रमण पर नहीं पड़ेगा खास असर
भारत में कोरोना वायरस के मामले 5 लाख के पार, मौत का आंकड़ा भी 15 हजार के ऊपर

नई दिल्ली: देश में मौसम की दस्तक के साथ कोरोना वायरस कहर बरपाने को वेताब है।यह हम नहीं कह रहे है बल्कि स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इसकी चेतावनी दी है। इस चेतावनी के बाद भी हम आपको यही कहेंगे कि सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए इस लड़ाई में साथ दें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी को भी हम दरकिनार नहीं कर सकते हैं, लेकिन हमे सर्तक रहना होगा। चलिए जानते है कि आखिर किस आधार पर स्वास्थ्य विशेषज्ञ यह चेतावनी दे रहे हैं।


वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से भारत में 5 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हैं, जबकि 15 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि भारत में अभी कोरोना का पीक आना बाकी है।

कई रिपोर्ट्स में मानसून के सीजन में भारत में कोरोना का संक्रमण बढ़ने की संभावना जताई गई थी। जिसमें दावा किया गया था कि बारिश के कारण हवा में नरमी रहेगी जिससे संक्रमण का स्तर तेजी से बढ़ सकता है।वहीं, नई दिल्ली एम्स के डॉयरेक्टर डॉ रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि मानसूनी बारिश के कारण देश में कोरोना वायरस के संक्रमण में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि जब गर्मी का मौसम आया था तो कई लोगों ने दावा किया था कि कोरोना वायरस का संक्रमण रूक जाएगा, लेकिन यह नहीं हुआ। ऐसे में बारिश के कारण कोरोना के संक्रमण में बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है।भारत में कोरोना के आंकड़े रोज नया रेकॉर्ड बना रहे हैं।

दक्षिण एशिया की बात करें तो यहां भारत 3.1 फीसदी के केस फैटलिटी रेट के साथ पहले स्थान पर है। पिछले 15 दिनों में भारत में कोरोना से होने वाली मौतों को आंकड़ा अन्य देशों की तुलना में बहुत तेजी से बढ़ा है।कोरोना संक्रमितों और इससे होने वाली मौतों के मामले में शीर्ष 20 देशों में भारत दूसरे स्थान पर है। पिछले 15 दिनों में देश में रोजाना होने वाली मौतों की वृद्धि दर 4.2 फीसदी और संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी की दर 3.6 फीसदी रही है।

दक्षिण एशिया की बात करें तो यहां भारत 3.1 फीसदी की केस फैटलिटी रेट के साथ पहले स्थान पर है। पिछले 15 दिनों में भारत में कोरोना से होने वाली मौतों को आंकड़ा अन्य देशों की तुलना में बहुत तेजी से बढ़ा है। कभी कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित रहे यूरोप में अब इस महामारी का प्रकोप कम हो रहा है।वहां 12 जून से रोजाना मामलों में बढ़ोतरी 1 फीसदी से कम है। इसमें स्वीडन अपवाद है जहां इस दौरान कोरोना के मामले रोजाना 2 फीसदी की दर से बढ़े हैं। इटली जैसे दैशों में तो अब इसकी रफ्तार 0.1 फीसदी ही रह गई है।

दक्षिण एशिया में कोरोना से सबसे ज्यादा मौतें भारत में
दुनियाभर में कोरोना संक्रमितों की संख्या एक करोड़ को पार कर गई है। दक्षिण एशिया इस महामारी का नया एपिसेंटर बनकर उभरा है और खासकर भारत में कोरोना के आंकड़े रोज नया रेकॉर्ड बना रहे हैं।

दक्षिण एशिया की बात करें तो यहां भारत 3.1 फीसदी के केस फैटलिटी रेट के साथ पहले स्थान पर है। पिछले 15 दिनों में भारत में कोरोना से होने वाली मौतों को आंकड़ा अन्य देशों की तुलना में बहुत तेजी से बढ़ा है।

कोरोना संक्रमितों और इससे होने वाली मौतों के मामले में शीर्ष 20 देशों में भारत दूसरे स्थान पर है। पिछले 15 दिनों में देश में रोजाना होने वाली मौतों की वृद्धि दर 4.2 फीसदी और संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी की दर 3.6 फीसदी रही है।

कोरोना से रोजाना होने वाली मौतों की वृद्धि दर केवल चिली (4.4 फीसदी) में ही भारत से अधिक है।इसी तरह संक्रमितों की संख्या में रोजाना बढ़ोतरी के मामले में दक्षिण अफ्रीका पहले स्थान पर है। वहां कोरोना संक्रमितों की संख्या में रोजाना 5.2 फीसदी की बढ़ोतरी हो रही है।

दक्षिण एशिया की बात करें तो यहां भारत 3.1 फीसदी की केस फैटलिटी रेट के साथ पहले स्थान पर है। पिछले 15 दिनों में भारत में कोरोना से होने वाली मौतों को आंकड़ा अन्य देशों की तुलना में बहुत तेजी से बढ़ा है। कभी कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित रहे यूरोप में अब इस महामारी का प्रकोप कम हो रहा है।

वहां 12 जून से रोजाना मामलों में बढ़ोतरी 1 फीसदी से कम है। इसमें स्वीडन अपवाद है जहां इस दौरान कोरोना के मामले रोजाना 2 फीसदी की दर से बढ़े हैं। इटली जैसे दैशों में तो अब इसकी रफ्तार 0.1 फीसदी ही रह गई है।

कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित अमेरिका में भी पिछले 15 दिनों में मृत्यु दर में रोजाना बढ़ोतरी 0.6 फीसदी रह गई है जबकि संक्रमण के नए मामले भी रोजाना 1.3 फीसदी बढ़ रहे हैं। भारत में 71 फीसदी मामले पिछले 15 दिनों में आए हैं। कोरोना से हुई कुल मौतों में 85 फीसदी मरीजों की मौत इसी दौरान हुई है।

पिछले 15 दिनों में कोरोना से होने वाली मौतों में रोजाना बढ़ोतरी की बात करें तो दक्षिण एशिया में भारत के बाद नेपाल, पाकिस्तान और अफगानिस्तान हैं। प्रतिशत के हिसाब से देखा जाए तो नेपाल में रोज सबसे अधिक मामले सामने आए हैं। इसके बाद भारत, बांग्लादेश और पाकिस्तान हैं।

कोरोना से प्रति दस लाख की आबादी पर मौत के हिसाब से देखें तो भारत दक्षिण एशिया में चार्ट के मध्य में है लेकिन भारत में केस फैटलिटी रेट (3.1 फीसदी) सबसे अधिक है। इस मामले में अफगानिस्तान (2.2 फीसदी) दूसरे और पाकिस्तान (2 फीसदी) तीसरे स्थान पर है।

श्रीलंका, म्यांमार और भूटान कोरोना से सबसे कम प्रभावित हुए हैं। मालदीव में कोरोना के 2000 से भी कम मामले हैं लेकिन वहां की कम जनसंख्या के हिसाब से प्रति दस लाख की आबादी पर वहां सबसे अधिक मामले हैं।

इसी तरह वहां कोरोना से केवल 8 लोगों की मौत हुई है लेकिन प्रति 10 लाख की आबादी के हिसाब से यह 15 बैठती है। दक्षिण एशिया में प्रति 10 लाख की आबादी पर कोरोना से औसतन 12 लोगों की मौत हुई है।

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