मॉस्को: रूस ने व्लादिमीर पुतिन और वोलोडिमीर जेलेंस्की में मुलाकात के संकेत दिए हैं। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि पुतिन यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ बात करने को तैयार हैं। हालांकि लावरोव ने यूक्रेन की सरकार और जेलेंस्की की वैधता पर सवाल भी उठा दिया है। उन्होंने कहा कि किसी बैठक के लिए समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले व्यक्ति के अधिकार पर स्पष्टता होना जरूरी है। वोलोडिमीर जेलेंस्की यूक्रेन के वैध प्रेसिडेंट नहीं हैं।
रविवार को एनबीसी न्यूज के साथ साक्षात्कार में लावरोव ने कहा, ‘किसी बैठक के बाद हम उस स्थिति में पहुंचेंगे, जहां दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने होंगे। हमें यह स्पष्ट होना चाहिए कि हस्ताक्षर करने वाला व्यक्ति वैध है। यूक्रेनी संविधान के अनुसार तो जेलेंस्की वैध नहीं हैं। जेलेंस्की यूक्रेनी शासन के वास्तविक हेड नहीं हैं। ऐसे में यूक्रेनी पक्ष की ओर से समझौते पर हस्ताक्षर कौन करेगा, यह एक गंभीर सवाल है।’
लावरोव ने कहा कि पुतिन के साथ बैठक के लिए जेलेंस्की की ओर से बार-बार जोर दिया जा रहा है। इसके पीछे उनकी अपनी वैधता को मजबूत करने की चाल है। यूक्रेन के राष्ट्रपति के तौर पर मई में औपचारिक रूप से जेलेंस्की का कार्यकाल पूरा हुआ है। ऐसे में रूस उन पर सवाल उठा रहा है। दूसरी ओर यूक्रेनी सरकार का कहना है कि युद्ध के दौरान राष्ट्रपति की शक्तियों का विस्तार करने वाले मार्शल लॉ प्रावधानों के तहत जेलेंस्की वैध राष्ट्राध्यक्ष हैं।
रूसी विदेश मंत्री लावरोव ने इंटरव्यू में यह भी कहा कि रूस की क्षेत्रीय विस्तार में रुचि नहीं है, जैसा कि यूरोप की ओर से प्रचारित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रूस की लड़ाई रूसी भाषी लोगों को यूक्रेन से बचाने की है। उन्होंने कहा कि हमें क्षेत्रों में कोई रुचि नहीं है क्योंकि हमारे पास पृथ्वी पर सबसे बड़ा क्षेत्र है। हमारा किसी क्षेत्र पर कब्जे का किसी तरह का कोई इरादा नहीं है।
रूसी विदेश मंत्री ने आगे कहा कि मॉस्को का लक्ष्य यूक्रेनी क्षेत्र से रूस के लिए आने वाले किसी भी सुरक्षा खतरे को दूर करना और रूसी भाषी लोगों के अधिकारों की रक्षा करना है। लावरोव ने पश्चिमी देशों पर जानबूझकर यूक्रेन शांति वार्ता को बाधित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देश यूक्रेन शांति वार्ता बाधित करने का बहाने ढूंढ रहे हैं। उन्होंने ट्रंप और पुतिन की मुलाकात को अच्छा कहा है।