तूफान से 1000 से ज्यादा लोगों की मौत

नई दिल्ली: एशिया में हाल ही के कुछ दिनों में तूफान, बाढ़ और लैंडस्लाइड ने 1000 से ज्यादा लोगों की जान ले ली है. 25 नवंबर से एक दिसंबर 2025 के बीच तीन बड़े तूफानों ने कई देशों में तबाही मचाई है. श्रीलंका में जहां चक्रवात ‘दित्वा’ ने कहर मचाया है. वहीं इंडोनेशिया को ‘सेन्यार’ तूफान ने तबाह किया. साथ ही थाईलैंड और मलेशिया में भी तूफान की वजह से कई लोगों ने अपनी जान गंवाई है.

श्रीलंका में चक्रवात ‘दित्वा’ से मची तबाही में अब तक कम से कम 334 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 370 लोगों का अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है. इस तूफान ने सबसे ज्यादा तबाही कैंडी शहर में मचाई है. कैंडी में अब तक 88 मौतें हुई हैं, जबकि 150 लोग लापता बताए गए हैं.श्रीलंका के बादुल्ला में 71, नुवारा एलिया में 68 और मटाले में 23 लोगों की मौत हुई है. इस आपदा से देशभर के 309,607 परिवारों के 1,118,929 लोग प्रभावित हुए हैं. वहीं कुछ इलाके ऐसे भी हैं, जहां संपर्क पूरी तरह से बाधित हो गया है. इसकी वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन में भी दिक्कतें आ रही हैं.

इंडोनेशिया में तूफान ‘सेन्यार’ की वजह से बाढ़ और लैंडस्लाइड ने ऐसी तबाही मचाई है कि मौत का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है. नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी (बीएनपीबी) की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, जासुमात्रा आइलैंड के तीन प्रांतों में हाल ही में आई बाढ़ और लैंडस्लाइड से मरने वालों की संख्या बढ़कर 442 हो गई है. नॉर्थ सुमात्रा में सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं. यहां मरने वालों की संख्या 217 हो गई है, और 209 अभी भी लापता हैं. आचेह प्रांत में 96 मौतें और 75 लापता बताए गए हैं, जबकि वेस्ट सुमात्रा में 129 मौतें और 118 लापता बताए गए हैं.

डिजास्टर प्रिवेंशन एंड मिटिगेशन डिपार्टमेंट (आपदा निवारण और न्यूनीकरण विभाग) के अनुसार, दक्षिणी इलाके में आई बड़ी बाढ़ का असर 35.4 लाख लोगों पर पड़ा है. सबसे ज्यादा नुकसान हाट याई शहर को पहुंचा है. इस हफ्ते की शुरुआत में तेज मॉनसून के दौरान सबसे ज्यादा बारिश हुई, जिसके बाद सरकार ने सोंगखला प्रांत में इमरजेंसी की घोषणा कर दी ताकि लोगों को निकालने और बचाव के कामों को आसान बनाया जा सके.

इधर दक्षिणी थाईलैंड में भी तूफान की वजह से आने वाले भयंकर बाढ़ से मरने वालों की संख्या 170 को पार कर गई है. हालांकि अब पानी का लेवल कम होने लगा है और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान, सरकारी प्रवक्ता सिरिपोंग अंगकासाकुलकियात ने कहा कि आठ दक्षिणी प्रांतों में जान-माल की हानि का पता चला है, सोंगखला में सबसे ज्यादा 110 लोगों की मौत हुई है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *