देहरादून। गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में सोमवार से प्रारंभ हो रहे बजट सत्र को लेकर सत्तारूढ़ भाजपा और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के बीच गतिरोध दूर नहीं हो सका। ऐसे में सत्र का हंगामेदार रहना तकरीबन तय हो गया है।
कांग्रेस ने कार्यमंत्रणा समिति की बैठक का बहिष्कार जारी रखा, लेकिन यह निर्णय किया गया कि सत्र की अवधि कम रखने का पूरी ताकत से विरोध होगा। पहले दिन सत्र की अवधि 21 दिन रखने की मांग को लेकर कांग्रेस आक्रामक तेवर अपनाएगी।पार्टी विधानमंडल दल ने यह भी तय किया है कि कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार, महंगाई, बेरोजगारी और किसानों समेत विभिन्न समस्याओं को लेकर सड़क से लेकर सदन सरकार की घेराबंदी की जाएगी।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य की अध्यक्षता में रविवार को भराड़ीसैंण विधानसभा भवन परिसर में पार्टी विधानमंडल दल की बैठक हुई। बैठक में प्रदेश की वर्तमान परिस्थितियों, जनसरोकारों से जुड़े विभिन्न ज्वलंत मुद्दों तथा आम जनता की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। आर्य ने कहा कि धामी सरकार के चार साल के कार्यकाल में नौ विधानसभा सत्र के कुल 32 उपवेशन हुए। सत्र को लेकर सरकार का रवैया चिंताजनक और संसदीय परंपरा के विपरीत है।
उन्होंने बताया कि बैठक में ज्वलंत मुद्दों के साथ युवाओं के भविष्य, शिक्षा-स्वास्थ्य की स्थिति और क्षेत्रीय विकास जैसे विषयों पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया। यह तय किया गया कि जनहित के सभी मुद्दों को बजट सत्र के दौरान पूरी मजबूती और तथ्यात्मक रूप से उठाया जाएगा। 10 मार्च को प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से गैरसैंण में विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
बैठक में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, हरीश धामी, मदन बिष्ट, मनोज तिवारी, अनुपमा रावत, ममता राकेश, फुरकान अहमद, विक्रम सिंह नेगी, सुमित हृदयेश, अनुपमा रावत, मनोज तिवारी, खुशाल सिंह अधिकारी समेत कुल 14 विधायक उपस्थित रहे। विधायक आदेश चौहान, लखपत बुटोला, मयूख महर, तिलक राज बेहड़, काजी निजामुद्दीन बैठक में सम्मिलित नहीं हो पाए।
