नई दिल्ली।झारखंड के पूर्व राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन एनडीए के उपराष्ट्रपति पद प्रत्याशी होंगे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इसकी आधिकारिक घोषणा की। उन्होंने बताया कि राधाकृष्णन तमिलनाडु में भाजपा के अध्यक्ष रह चुके हैं।
राज्यपाल के तौर पर उनके पास लंबा प्रशासनिक अनुभव रहा है। बता दें कि जगदीप धनखड़ के अचानक उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद से ये पद खाली हुआ है। 21 जुलाई को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए जगदीप धनखड़ ने इस्तीफा दिया था।
एनडीए संसदीय दल की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि हमारे एनडीए साथियों के साथ भी गहन रूप से चर्चा हुई। इसके बाद आज मुझे बताते हुए ये खुशी हो रही है और आपको ये खुशखबरी देना चाहते हैं कि संसदीय बोर्ड की बैठक में जिसका नेतृत्व पीएम मोदी ने किया।
इस दौरान सभी पहलुओं पर चर्चा हुई और कई नामों पर मंथन किया गया, सुझाव भी मांगे गए और इसके बाद फिर तय हुआ कि हमारे उपराष्ट्रपति के प्रत्याशी के रूप में हमारे महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को एनडीए का प्रत्याशी बनाएंगे। जेपी नड्डा ने आगे कहा कि चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन का सफल 40 साल का सार्वजनिक जीवन है।
जेपी नड्डा ने आगे कहा, ‘हम विपक्ष से भी बात करेंगे। हमें उनका समर्थन भी प्राप्त करना चाहिए ताकि हम मिलकर उपराष्ट्रपति पद के लिए निर्विरोध चुनाव सुनिश्चित कर सकें। जैसा कि हमने पहले कहा, हम उनके संपर्क में हैं और हमारे वरिष्ठ नेताओं ने पहले भी उनसे संपर्क किया है और अब भी हम उनके संपर्क में रहेंगे और हमारे सभी एनडीए सहयोगियों ने हमारा समर्थन किया है।’
पूरा नाम- चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन
जन्म- 20 अक्तूबर, 1957 को तमिलनाडु के तिरुप्पुर में
पढ़ाई- बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातक भी हैं
राजनीति से पहले- आरएसएस के स्वयंसेवक में शुरुआत
1974 में भारतीय जनसंघ की राज्य कार्यकारिणी के सदस्य
1996 में तमिलनाडु भाजपा में सचिव का पद संभाला
1998 और 1999 में कोयंबटूर से लोकसभा सांसद चुने गए
2004 से 2007 के दौरान तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष बने
मौजूदा समय में महाराष्ट्र के 21वें राज्यपाल
झारखंड के साथ-साथ तेलंगाना के राज्यपाल का पद संभाला
पुड्डुचेरी के उपराज्यपाल का भी पद संभाल चुके हैं सीपी राधाकृष्णन
उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 9 सितंबर को होना है और उसी दिन मतगणना भी होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 21 अगस्त है, जबकि उम्मीदवार 25 अगस्त तक अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। बता दें कि उपराष्ट्रपति चुनाव में राज्यसभा के 233 निर्वाचित सांसद, राज्यसभा में मनोनीत 12 सांसद और लोकसभा के 543 सांसद वोट डाल सकते हैं। इस तरह के कुल 788 लोग वोट डाल सकते हैं।