नई दिल्लीः साल 2026 का पहला चंद्रग्रहण 3 मार्च को लगने वाला है। भारत सहित देश के कई हिस्सों में यह चंद्रग्रहण दिखाई देगा। पंचांग की गणना के अनुसार, यह चंद्रग्रहण फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को दिखाई देगा। ग्रहण के दौरान चंद्रमा में थोड़ी लालिमा दिखाई देगी।
इसे आम भाषा में बल्ड मून कहा जाएगा। भारत में भी इस ग्रहण का सूतक काल मान्य होगा। क्योंकि यह ग्रहण भारत में भी दिखाई दे रहा है। बता दें कि भारत में चंद्रोदय के बाद ही चंद्रग्रहण दिखाई दे सकता है। बता दें कि भारत में सबसे पहले चंद्रग्रहण अरुणाचल प्रदेश के तेजू में दिखाई देगा। यहां शाम में 5 बजकर 3 मिनट पर ही चंद्रोदय हो जाएगा।
पंडित राकेश झा से मिली जानकारी के अनुसार, चंद्रग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले ही लग जाता है। चंद्रग्रहण दोपहर में 3 बजकर 20 मिनट पर लगने वाला है। ऐसे में चंद्रग्रहण का सूतक काल 3 मार्च सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर ही आरंभ हो जाएगा। सूतक काल अशुभ समय माना जाता है इसलिए इस दौरान कोई भी शुभ कार्य या पूजा अर्चना नहीं करनी चाहिए। इस दौरान मानसिक रुप से पूजा पाठ कर सकते हैं।
