सुपौल: बिहार के सुपौल में भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी ने बड़ी कार्रवाई की है. टीम ने जिले के नियोर सीमा चौकी के पास 100 हाई-फ्रीक्वेंसी वायरलेस वॉकी-टॉकी बरामद किए है. वायरलेस की इतनी बड़ी खेप मिलने के बाद केंद्रीय जांच एजेंसियों को अलर्ट किया गया है.
सुपौल में स्कॉर्पियो से 100 वॉकी-टॉकी बरामद : एसएसबी अधिकारियों ने बताया कि, ”बिहार के सुपौल जिले के सीमावर्ती क्षेत्र नियोर सीमा आउट पोस्ट (बीओपी) पर एसएसबी की 45वीं वाहिनी ने नियमित जांच के दौरान यह कार्रवाई की.”
नियोर सीमा चौकी पर पकड़ी गई : अधिकारी ने बताया कि, ”इस दौरान टीम ने नेपाल की ओर जा रही एक स्कॉर्पियो, जिसका गाड़ी नंबर AS-01-AV-7949 को रोका और उसकी तलाशी ली. टीम को तलाशी के दौरान गाड़ी में दो कार्टन मिले, जिसकी जांच करने पर टीम को 50 वॉकी-टॉकी और 50 टू-वे पोर्टेबल रेडियो, संचार उपकरण मिले.”
दिल्ली का बिक्री बिल मिला : एसएसबी ने स्कॉर्पियो ड्राइवर को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. व्यक्ति की पहचान देवानंद मिश्रा, निवासी मोहनपुर, जिला सप्तरी नेपाल के रूप में हुई है. एसएसबी के अधिकारियों ने बताया कि, ”गाड़ी से वायरलेस बिक्री का बिल और एक स्लिप भी मिला है, जिसपर पता माहेश्वरी ट्रेडर्स, चांदनी चौक, नई दिल्ली लिखा है.”
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि ”यह पार्स वो नेपाल के कुनौली, महावीर इलेक्ट्रानिक्स डिलीवर करने जा रहा था. उसे इस कार्टन को नेपाल पहुंचाने के लिए एक हजार रुपये मिलना था.”एसएसबी के अनुसार, इस तरह के वायरलेस संचार उपकरणों के लिए डब्ल्यूपीसी और ईटीए जैसी जरूरी अनुमति और दस्तावेजों की जरूरत होती है. लेकिन आरोपी देवानंद मिश्रा के पास 100 वायरलेस सेट को ले जाने का कोई सरकारी अनुमति पत्र नहीं था. ऐसे में एसएसबी ने उसे गिरफ्तार कर सामान के साथ डगमारा थाना को सौंप दिया.
”इतनी बड़ी संख्या में हाई फ्रिक्वेंसी वायरलेस सेट का मिलना गंभीर मामला है. एनआईए समेत तमाम सुरक्षा एजेंसी को सूचना दे दी गई है. अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इतने बड़े पैमाने पर वायरलेस सेट का इस्तेमाल कुरियर से यहां तक कैसे पहुंचा और इसका उद्देश्य क्या है.” – कमांडेंट गौरव सिंह, एसएसबी 45वीं बटालियन
