उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड

नई दिल्ली। देश के बड़े हिस्से में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। शुक्रवार को भी उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के बड़े हिस्सों में भीषण शीतलहर और घना कोहरा जारी रहा। इस वजह से सामान्य जनजीवन पर असर पड़ा और परिवहन सेवाएं बुरी तरह बाधित हुईं। जम्मू-कश्मीर के ऊंचे इलाकों में भारी हिमपात जारी रहा, जिससे सैलानियों के चेहरे खिले रहे।

उत्तराखंड में धार्मिक नगरी हरिद्वार में बढ़ती ठंड के बीच घने कोहरे की चादर छाई रही। सुबह से ही ठंडी हवाएं चल रही थीं। कोहरे के कारण दृश्यता में कमी के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही काफी धीमी हो गई थी। उत्तर प्रदेश के कई शहरों में कोहरे और शीत लहर की स्थिति बनी रही। आगरा में तुलनात्मक रूप से कोहरा कम रहा, जिससे ताजमहल साफ दिखाई दे रहा था।

कानपुर और प्रयागराज में भी शीत लहर के बीच घने कोहरे की चादर छाई हुई थी। लोग खुद को गर्म रखने के लिए अलाव के चारों ओर बैठे दिखे। ऐसे ही नजारे मुरादाबाद में भी देखने को मिले। अयोध्या में कोहरे के कारण दृश्यता काफी कम रही। वाराणसी में भी शीत लहर जारी रही। मध्य प्रदेश में ग्वालियर कोहरे की चादर में लिपटा रहा। कश्मीर घाटी में तापमान और गिरने से शीत लहर की स्थिति बनी रही। श्रीनगर में डल झील पर पर्यटक देखे गए।

एक पर्यटक ने कहा, ‘हम पिछले तीन दिनों से यहां हैं। पहले हम पहलगाम गए, जहां हमने थोड़ी बर्फबारी देखी। हमने अपना नया वर्ष यहीं (श्रीनगर) मनाया, लेकिन बर्फबारी नहीं हुई। मौसम सुहाना है और यहां कोई प्रदूषण नहीं है।’ जम्मू-कश्मीर के पुंछ में पीर पंजाल रेंज में भारी हिमपात जारी रहा, जिससे क्षेत्र में शीत लहर और बढ़ गई। पूर्वी भारत में भी मौसम का गंभीर असर देखा गया।

दो जनवरी, 2026 की सुबह भुवनेश्वर, खुर्दा और ओडिशा के कई अन्य हिस्सों में घने कोहरे की मोटी चादर छा गई, जो नए वर्ष के पहले दिन शुरू हुए गंभीर मौसम के रुख को जारी रखे हुए थी। मौसम विभाग ने खुर्दा और कटक सहित कई जिलों के लिए आरेंज अलर्ट जारी किया है, क्योंकि कई इलाकों में दृश्यता घटकर 50 मीटर तक रह गई।

स्मॉग के कारण परिवहन के सभी साधनों के समक्ष बड़ी रुकावटें आईं। बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (बीपीआइए) पर खराब दृश्यता के कारण उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ, जबकि लंबी दूरी की कई ट्रेनें, खासकर उत्तर भारत से आने वाली ट्रेनें, जैसे राजधानी और नीलांचल एक्सप्रेस तीन से दस घंटे देरी से चल रही थीं।

नेशनल हाईवे-16 पर दृश्यता खतरनाक बनी रही। मौसम विभाग ने कहा कि उच्च आद्रता और हवा की धीमी गति के कारण ऐसी स्थिति बनी रहने की उम्मीद है। तेलंगाना में हैदराबाद के कुछ हिस्सों में शीतलहर के कारण कोहरे की चादर छाई रही।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *