प्रतापगढ़: गुरुवार तड़के ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ जिसने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया. नगर कोतवाली क्षेत्र के महुली गांव में करीब 100 साल पुराना जर्जर मकान अचानक भरभराकर ढह गया. हादसे के वक्त पूरा परिवार गहरी नींद में था. देखते ही देखते मकान मौत के मलबे में तब्दील हो गया और एक ही परिवार के छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. इस दर्दनाक हादसे पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने दुख जताया है. मुख्यमंत्री के निर्देश पर परिजनों को आर्थिक सहायता दी गई है.
सीएम हादसे पर जताया दुख: इस दुखद हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लेते हुए शोक संतृप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है. मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने और घायलों का समुचित उपचार करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की है.सीएम के निर्देश पर डीएम ने 4-4 लाख रुपए की सहायता राशि परिजन को सौंपी. कुल 26.20 लाख रुपए की सहायता राशि परिजन को सौंपी गई है.कल से हो रही भारी बारिश के कारण यहां एक घर गिर गया, जिससे प्रमोद श्रीवास्तव के परिवार के छह सदस्यों की मौत हो गई. बारिश की वजह से पुरानी निर्माण तकनीक से बना पहली मंजिल का कमरा अचानक गिर गया. परिवार के सभी सदस्य एक ही कमरे में सो रहे थे.
रात के दो बजे हुआ हादसा: जानकारी के मुताबिक महुली गांव निवासी प्रमोद श्रीवास्तव का मकान वर्षों पुराना और बेहद जर्जर हो चुका था. गुरुवार तड़के करीब एक से दो बजे के बीच अचानक पूरी इमारत भरभराकर गिर गई. तेज धमाके और चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक अधिकारी राहत एवं बचाव दल के साथ मौके पर पहुंचे. स्थानीय लोगों की मदद से घंटों चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालकर जिला अस्पताल भेजा गया, लेकिन डॉक्टरों ने छह लोगों को मृत घोषित कर दिया.
रात 2:00 बजे पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम मुहोली के प्रमोद कुमार श्रीवास्तव के घर की छत गिर गई जिसमें कई लोग दब गए हैं. पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें पहुंची. मौके पर से 7 घायलों को अस्पताल भर्ती किया गया. जिसमें से 6 की मौत हुई है. फिलहाल पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है.
पूरा परिवार उजड़ गया: डॉक्टर ने इस हादसे में प्रमोद श्रीवास्तव, रीता श्रीवास्तव, नितिन श्रीवास्तव, माधुरी श्रीवास्तव, माधव और मासूम अद्विक को मृत घोषित कर दिया. इस घटना ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया. वहीं प्रमोद श्रीवास्तव के पुत्र अमन (28 वर्ष) किसी तरह सुरक्षित बच गए. उनकी हालत सामान्य बताई जा रही है.
मैं भी भी मलबे में दब गया था. जब होश आया तो देखा कि मैं मिट्टी में दबा था. परिवार वाले भी उसमें दबे हुए थे. बाहर निकालने की कोशिश की लेकिन नहीं निकाल पाया. आवाज लगाई तो अन्य परिवार के लोगों ने बाहर निकाला. रात करीब 10:30 बजे सभी सो गए थे. यह घटना रात 1 से 1:30 बजे की है. एक कमरे में ही सात लोग सो रहे थे.- इस हादसे के बाद से जिला प्रशासन ने जर्जर घरों और भवनों का ऑडिट कराने का फैसला किया है. जिससे की आगे से इस तरह के दर्दनाक हादसे को रोकने की कोशिश हो सके.
