उज्जैन. हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ का महीना दान-पुण्य के लिए बेहद शुभ माना जाता है. इस माह की पूर्णिमा अत्यंत शुभ तिथि मानी गई है. इसे माघी पूर्णिमा भी कहा जाता है. इस दिन गंगा आदि पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व है.
माघ मास की पूर्णिमा पर भाग्य और आर्थिक पक्ष को मजबूत करने का शुभ अवसर है. इस बार शुभ संयोग में माघ पूर्णिमा आ रही है. उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, इस दिन रात्रि के समय बिना किसी को बताए कुछ विशेष उपाय कर लिए जाएं, तो कभी सुख-समृद्धि की कमी नहीं रहती, साथ ही स्वास्थ्य में भी लाभ होता है.
वैदिक पंचांग के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि एक फरवरी रविवार के दिन सुबह 05 बजकर 52 मिनट पर शुरू होगी. वहीं इस तिथि का समापन दो फरवरी को सोमवार के दिन तड़के 3 बजकर 38 मिनट पर हो जाएगा. सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि एक फरवरी को विद्यमान रहेगी, इसलिए इस साल माघ पूर्णिमा एक फरवरी को मनाई जाएगी.
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि माघ पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान का बेहद खास महत्व होता है. इस दिन शुभ मुहूर्त में स्नान करना चाहिए. स्नान का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 24 मिनट से लेकर सुबह 6 बजकर 17 मिनट तक रहने वाला है. वहीं अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से लेकर 12 बजकर 57 मिनट तक रहने वाला है. गोधूलि मुहूर्त संध्या 5 बजे से लेकर 6 बजे तक है. इसमें भी स्नान कर सकते हैं.

