तेहरान: अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमले का आज सोमवार को तीसरा दिन है. अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान पर हमले जारी हैं. वहीं खामेनेई के मारे जाने के बाद भी ईरान की ओर से मिसाइल हमले जारी हैं. हिजबुल्लाह की ओर से भी रॉकेट दागे जाने की खबर है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ट ट्रंप का मानना है कि सैनिकों के हताहत होने की संख्या बढ़ सकती है और युद्ध खिंच सकता है. इस दौरान 3 अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने और 5 के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है. ईरान में इस समय 40 दिनों की राजकीय शोक है और सात दिनों की छुट्टी घोषित है. ट्रंप ने इन हमलों में ईरान के 48 नेताओं के मारे जाने की बात कही है. साथ ही कई जहाजों को भी नष्ट करने का दावा किया है. अमेरिका और इजराइली सेना ने ईरान पर इन दो दिनों के दौरान हजार से अधिक बम गिराने के दावे किए हैं. खामेनेई के आवास परिसर को ध्वस्त कर दिया गया.
इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (IRNA) के मुताबिक ईरान की प्रोविजनल लीडरशिप काउंसिल ने अपनी दूसरी मीटिंग ईरानी प्रेसिडेंट मसूद पेजेकशियन, ज्यूडिशियरी चीफ घोलमहुसैन मोहसेनी-एजेई और अयातुल्ला अलीरेजा अराफी की मौजूदगी में की. सोमवार को एक्स पर एक पोस्ट में इसकी जानकारी दी. प्रोविजनल लीडरशिप काउंसिल की दूसरी मीटिंग ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई के शनिवार को ऑपरेशन एपिक फ्यूरी/रोरिंग लायन के हिस्से के तौर पर इजराइल-अमेरिका हमलों में मारे जाने के बाद हुई है. खामेनेई के मारे जाने के बाद, ट्रंप ने शनिवार को फिर से ईरानी जनता को संबोधित किया, और उनसे सरकार गिराने की अपील की.
इरानी मीडिया आईआरएनए के अनुसार लोकल सूत्रों के मुताबिक सोमवार सुबह कुवैत के ऊपर आसमान में एक अमेरिकी F-15 फाइटर जेट क्रैश हो गया. इसे मार गिराने का दावा किया जा रहा है. जारी वीडियो में फाइटर जेट गिरता हुआ दिख रहा है.मीडिया रिपोर्ट के अनुसार साइप्रस की सरकार ने कन्फर्म किया है कि साइप्रस के ब्रिटेन एयरबेस पर ड्रोन हमले से हमला हुआ. हालांकि नुकसान ज्यादा नहीं हुआ है. कहा जा रहा है कि हमले में एक बिना पायलट वाला ड्रोन शामिल था. साइप्रस सरकार के प्रवक्ता कॉन्स्टेंटिनोस लेटिम्बियोटिस ने कहा कि वहां के अधिकारी ब्रिटेन के साथ मिलकर स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं.
इराक की राजधानी बगदाद के एयरपोर्ट पर सोमवार को एक इराकी शिया लड़ाकों ने अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाकर ड्रोन हमले का दावा किया, जिससे ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने पर बदले की कार्रवाई और बढ़ गई. एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार सरया अवलिया अल-दाम नाम का यह ग्रुप, 2003 में अमेरिका के नेतृत्व में इराक पर हमले के बाद वहां सक्रिय शिया लड़ाकों के एक ग्रुप में से एक है. इसने सद्दाम हुसैन को सत्ता से हटा दिया था. अमेरिका और इराक ने इस दावे पर तुरंत कोई कमेंट नहीं किया. यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब लेबनानी ग्रुप हिजबुल्लाह सहित ईरान के सपोर्ट वाले लड़ाके अमेरिका और इजराइल द्वारा शुरू किए गए युद्ध में शामिल हो गए हैं.
ईरान के विदेश मंत्री ने कहा है कि उनके देश की सेना किसी भी सेंट्रल गवर्नमेंट कंट्रोल से आजादी से काम कर रही हैं, क्योंकि खाड़ी के अरब देशों पर हमलों के बारे में दबाव डाला गया था, जो पहले तेहरान के लिए बिचौलिए का काम करते थे. यह बात रविवार को अल जजीरा को अब्बास अराघची के साथ एक इंटरव्यू में आई. अराघची ने कहा, ‘ओमान में जो हुआ वह हमारी मर्जी नहीं थी. हमने अपनी, आप जानते हैं, आर्मी, आर्म्ड फोर्सेज को पहले ही बता दिया है कि वे अपने चुने हुए टारगेट के बारे में सावधान रहें. सेना अलग-थलग है. वे पहले से दिए गए निर्देशों – आप जानते हैं, आम निर्देशों – के आधार पर काम कर रही हैं.’
एपी न्यूज एजेंसी के अनुसार व्हाइट हाउस के एक सीनियर अधिकारी का कहना है कि ईरान में ‘नई संभावित लीडरशिप’ ने कहा है कि वे अमेरिका के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं. अंदरूनी प्रशासन की बातचीत पर चर्चा करने के लिए नाम न बताने की शर्त पर अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि वह ‘आखिरकार’ बात करने को तैयार हैं, लेकिन अभी के लिए मिलिट्री ऑपरेशन ‘बिना रुके जारी है.’
बहरीन के गृह मंत्रालय ने ट्वीट किया, ‘ईरानी हमले ने मीना सलमान के पास एक समुद्री जगह को निशाना बनाया. सिविल डिफेंस ने आग पर काबू पाने के लिए कदम उठाए.’इजराइली सुरक्षा बलों ने एक्स पर कहा,’उत्तरी इजराइल की तरफ प्रोजेक्टाइल फायर के जवाब में इजराइली सुरक्षा बलों ने पूरे लेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर हमला कर रहा है. हिज्बुल्लाह ईरानी सरकार की तरफ से काम कर रहा है. इजराइली नागरिकों पर फायर कर रहा है और लेबनान को बर्बाद कर रहा है. आईडीएफ सैनिकों ने ऑपरेशन ‘रोरिंग लायन’ के हिस्से के तौर पर ऐसी स्थिति के लिए तैयारी की है, और वे हर मोर्चे पर स्थिति के लिए तैयार हैं.’
यरुशलम से मिले विज़ुअल्स में रविवार को ईरानी मिसाइल हमले के दौरान आसमान में इजराइली इंटरसेप्टर दिख रहे हैं.अमेरिका-इजराइल के ईरान पर हमले जारी हैं. इस बीच ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई जारी है. इस दौरान तीन अमेरिकी सैनिक मारे गए जबकि पांच गंभीर रूप से घायल हो गए. एसोसिएडेट प्रेस ने यह खबर दी है.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सैनिकों की मौत का बदला लेने की कसम खाई, लेकिन कहा कि ईरान ऑपरेशन खत्म होने से पहले और भी सैनिक मारे जा सकते हैं, उन्होंने आगे कहा- ‘ऐसा ही होता है.’
यूरोपियन कमीशन के वाइस-प्रेसिडेंट, काजा कैलास ने ट्वीट किया, ‘ईरान के मिडिल ईस्ट के कई देशों पर हमले माफ करने लायक नहीं हैं. इन घटनाओं से तनाव और नहीं बढ़ना चाहिए जिससे इस इलाके, यूरोप और उससे आगे के इलाकों को खतरा हो और जिसके नतीजे अचानक सामने आएं. हम इस इलाके में यूरोपियन यूनियन नागरिकों की सुरक्षा पक्का करने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रहे हैं. हम तनाव कम करने और ईरान को न्यूक्लियर हथियार बनाने से रोकने के लिए एक पक्का हल निकालने की सभी डिप्लोमैटिक कोशिशों में मदद करते रहेंगे.’फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन का कहना है कि अगर जरूरी हुआ तो वे ईरान के खिलाफ ‘डिफेंसिव एक्शन’ लेकर अपने और खाड़ी में अपने साथियों के हितों की रक्षा के लिए तैयार हैं.
