- बैसाखी पर सीएम धामी से सिख प्रतिनिधिमंडल की भेंट, सौंपा सरोपा
- केंद्र व राज्य सरकार के ऐतिहासिक निर्णयों की सिख समाज ने की सराहना
- “तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा” – पीएम के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी
- दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर राज्य के विकास का नया द्वार-मुख्यमंत्री
देहरादून : मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सिख समुदाय के एक विशाल एवं गरिमामयी प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। इस प्रतिनिधिमंडल में हेमकुंड साहिब ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा, उत्तराखंड किसान आयोग के अध्यक्ष श्री सुरेंद्र सिंह नामधारी, जनसंख्या नियंत्रण समिति के अध्यक्ष श्री दिनेश मंसेरा तथा विधायक श्री सुरेश गड़िया सहित अनेक प्रमुख गणमान्य नागरिक एवं सामाजिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने सिख समुदाय के सम्मान और सुविधा के लिए अनेक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। “वीर बाल दिवस” के माध्यम से साहिबजादों के अद्वितीय बलिदान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है, वहीं गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान को पूरे देश में सम्मानपूर्वक स्मरण किया जा रहा है।
“तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक” – संकल्प से सिद्धि तक
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा बाबा केदारनाथ धाम से दिया गया यह संकल्प-“तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा”-आज धरातल पर साकार होता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में सड़क, रेल, हवाई कनेक्टिविटी, पर्यटन, तीर्थाटन और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहा है।उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कार्य कर रही हैं, जिसके परिणामस्वरूप राज्य विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा आज प्रारंभ किया गया दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर उत्तराखंड के लिए एक ऐतिहासिक और दूरगामी महत्व की परियोजना है। उन्होंने कहा कि इस कॉरिडोर के निर्माण से दिल्ली से देहरादून की यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा, जिससे पर्यटन, व्यापार और निवेश को अभूतपूर्व गति मिलेगी।उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर न केवल कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा, बल्कि राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगा और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा देगा।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि हेमकुंड साहिब के लिए प्रस्तावित रोपवे परियोजना लगभग ₹1700-₹1800 करोड़ की लागत से विकसित की जा रही है। यह परियोजना आधुनिक तकनीक से सुसज्जित होगी और पर्यावरण संरक्षण के मानकों का पूर्णतः पालन करेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि इस रोपवे के निर्माण से यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी और श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा। साथ ही, यह परियोजना स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाएगी और क्षेत्र में पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार सिख श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर आधारभूत सुविधाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है, जिसमें बेहतर सड़कें, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, आवास और सुरक्षा व्यवस्थाएं शामिल हैं।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि प्रत्येक श्रद्धालु को उत्तराखंड में एक सुरक्षित, सुविधाजनक और आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हो।मुख्यमंत्री श्री धामी ने यह भी कहा कि उन्हें जब भी अवसर मिलता है, वे गुरुद्वारों में जाकर सेवा करने का सौभाग्य प्राप्त करते हैं और इसे अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं।
