चमोली: जनपद के विकासखंड दशोली के निजमुला घाटी के गौणा-भनाली तोक में देर रात आकाशीय बिजली गिरने से बड़ा हादसा हो गया. हादसे में एक दर्जन से अधिक भेड़पालकों की करीब 500 बकरियों की मौत हो गई. इस घटना में राकेश सिंह, हुकम सिंह और मदन लाल समेत कई भेड़पालकों को लाखों रुपये का भारी नुकसान हुआ है. अचानक हुए इस हादसे से प्रभावित परिवारों को बड़ा नुकसान हुआ है और पूरे क्षेत्र में मायूसी का माहौल है. पीड़ित पशुपालकों का कहना है कि एक झटके में उनकी सालों की मेहनत खत्म हो गई, जिससे अब उनके सामने परिवार चलाने का संकट खड़ा हो गया है. भेड़पालकों ने जिला प्रशासन से नुकसान का आकलन कर जल्द मुआवजा देने की मांग की है.
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि बीती देर रात आकाशीय बिजली गिरने से निजमूला घाटी के भनाली तोक में एक दर्जन से अधिक भेड़पालकों की 500 बकरियों की मृत्यु की सूचना प्राप्त हुई है. उल्लेखनीय है कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 3, 4 और 5 मई 2026 के लिए चमोली जनपद में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इस अवधि में ओलावृष्टि, तेज बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई थी. देर रात से जिले में मौसम खराब बना हुआ है और हल्की बारिश भी जारी है, जिसके बीच यह हादसा हुआ. भेड़पालकों ने जिला प्रशासन से नुकसान का आकलन कर शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है.
बता दें कि, चमोली जनपद में निजमुला घाटी भेड़ पालन का सबसे बड़ा क्षेत्र है, यहां ग्रामीणों का यह मुख्य आजीविका का साधन है. वहीं, रविवार देर रात से शुरू हुई तेज बारिश का सिलसिला सोमवार सुबह तक जारी रहा. लगातार हो रही बारिश,ओलावृष्टि और तेज हवाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. प्रशासन को सतर्क रहने और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है. मौसम विभाग के अनुसार देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, पौड़ी, नैनीताल चंपावत और उधमसिंह नगर में मौसम सबसे ज्यादा खराब रहने की आशंका है. इन जिलों में भारी से अति भारी बारिश,ओलावृष्टि और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.

