नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज महीने की आखिरी रविवार को अपने चर्चित रेडियो कार्यक्रम मन की बात की. इस दौरान उन्होंने विज्ञान से लेकर कई अन्य अहम विषयों पर चर्चा की. इस दौरान उन्होंने कई प्रेरणादायक बातें कही जो आज युवाओं के भविष्य से जुड़ा है.
मन की बात के 133वें एपिसोड में PM मोदी ने कहा, ‘चुनावों की भागदौड़ के बीच, आपके मैसेज और चिट्ठियों के जरिए हमने देश के लोगों की कामयाबियों पर खुशी शेयर की है. इस बार, ‘मन की बात’ की शुरुआत देश की ऐसी ही एक बहुत बड़ी कामयाबी से करते हैं. भारत ने हमेशा साइंस को देश की तरक्की से जोड़कर देखा है. इसी सोच के साथ, हमारे साइंटिस्ट स्पेस प्रोग्राम को आगे बढ़ा रहे हैं. उनकी कोशिशों की वजह से, यह प्रोग्राम देश बनाने में अहम योगदान दे रहा है.’
पीएम मोदी ने कहा, ‘कुछ दिन पहले हमारे न्यूक्लियर साइंटिस्ट्स ने एक और बड़ी कामयाबी से भारत को गर्व महसूस कराया. तमिलनाडु के कलपक्कम में फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने क्रिटिकैलिटी हासिल कर ली है. इस स्टेज का मतलब है रिएक्टर के ऑपरेशन फेज की शुरुआत. यह भारत की न्यूक्लियर एनर्जी जर्नी में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है. और बड़ी बात यह है कि यह न्यूक्लियर रिएक्टर पूरी तरह से स्वदेशी टेक्नोलॉजी से बना है.’
उन्होंने आगे कहा, ‘आज के ‘मन की बात’ में, मैं एक ऐसी ताकत के बारे में बात करना चाहूंगा जो दिखाई नहीं देती… लेकिन उसके बिना हमारा जीवन एक पल के लिए भी नामुमकिन है. यही वो ताकत है जो भारत को आगे ले जा रही है. ये है हमारी विंड एनर्जी… आज यही विंड पावर भारत के विकास की नई कहानी लिख रही है. भारत ने हाल ही में विंड एनर्जी में एक बड़ा मुकाम हासिल किया है. अब भारत की विंड जेनरेशन कैपेसिटी 56 गीगावॉट से ज्यादा हो गई है. आज भारत विंड एनर्जी कैपेसिटी में दुनिया में चौथे नंबर पर है.’
पीएम मोदी ने कहा, ‘मई का महीना एक शुभ मौके के साथ शुरू हो रहा है. कुछ ही दिनों में हम बुद्ध पूर्णिमा मनाएंगे. मैं सभी देशवासियों को पहले से शुभकामनाएं देता हूं. भगवान गौतम बुद्ध का जीवन संदेश आज भी काम का है. उन्होंने हमें सिखाया कि शांति अंदर से शुरू होती है. उन्होंने कहा कि खुद पर जीत सबसे बड़ी जीत है. आज दुनिया जिस तरह के तनाव और संघर्षों से गुज़र रही है, उसे देखते हुए बुद्ध के विचार ऐसे समय में और भी ज़्यादा काम के हैं.’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हमारे देश में 23 जनवरी यानी नेताजी सुभाष की जयंती से लेकर 30 जनवरी यानी गांधीजी की पुण्यतिथि तक गणतंत्र का त्योहार मनाया जाता है. इस त्योहार का एक अहम हिस्सा बीटिंग रिट्रीट है. आज मैं आपसे बीटिंग रिट्रीट के बारे में इसलिए बात कर रहा हूं क्योंकि इसके पीछे एक खास वजह है. इस सेरेमनी में अलग-अलग बैंड के साथ अलग-अलग म्यूजिकल ट्रेडिशन दिखाए जाते हैं. कुछ सालों में इसमें इंडियन म्यूजिक का शामिल होना बढ़ा है, और यह देश के लोगों को भी पसंद आ रहा है. इस साल की बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी काफी यादगार रही. एयर फोर्स, आर्मी, नेवी के बैंड ने शानदार परफॉर्मेंस दी.’
इस मौके पर उन्होंने कहा, ‘इस तेजी से बदलते समय में टेक्नोलॉजी हमारी ज़िंदगी का जरूरी हिस्सा बन गई है. आज, हम टेक्नोलॉजी का कमाल देख रहे हैं. यह हमारे अतीत को आज से आसानी से जोड़ती है. इसी सिलसिले में हाल ही में हुए एक डेवलपमेंट ने शिक्षा से जुड़े लोगों के साथ-साथ इतिहास में दिलचस्पी रखने वालों को भी बहुत खुशी दी है.’उन्होंने आगे कहा, ‘कुछ ही दिन पहले, नेशनल आर्काइव्ज ऑफ इंडिया ने एक खास पोर्टल पर एक खास डेटाबेस शेयर किया है. इस संस्था ने 200 मिलियन से ज़्यादा कीमती डॉक्यूमेंट्स को डिजिटाइज करके पब्लिक किया है. मैं आप सभी से गुजारिश करता हूँ कि आप जरूर इसके साइट पर जाएं. यह आपको हमारे इतिहास को जानने का एक शानदार अनुभव देगा.’
उन्होंने कहा, ‘हमारी बेटियों ने बहुत अच्छा परफॉर्म किया. इस महीने की शुरुआत में फ्रांस के बोर्डो में यूरोपियन गर्ल्स मैथमेटिकल ओलंपियाड हुआ था. हमारी लड़कियों ने इस ओलंपियाड में अपना बेस्ट परफॉर्म किया. मुझे इस टैलेंटेड टीम पर बहुत गर्व है. टीम में मुंबई से श्रेया मुंधड़ा, तिरुवनंतपुरम से संजना चाको, चेन्नई से शिवानी बरथ कुमार और कोलकाता से श्रीमोई बेरा थी. हमारी टीम ने दुनिया में छठी पोजीशन हासिल की. श्रेया ने गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया, संजना ने सिल्वर मेडल जीता और शिवानी ने ब्रॉन्ज मेडल जीता.’

