चमोली में जलसैलाब में बहे पुल और गाड़ी, बीआरओ कर्मी

चमोली: भारत-चीन सीमा से सटे चमोली जिले की नीती घाटी से खौफनाक तस्वीरें सामने आई है. जहां नीती घाटी जाने वाले तमक नाले में अचानक जलसैलाब आ गया. जिसमें वैली ब्रिज बह गया. इसके साथ ही वाहन के साथ एक बीआरओ कर्मी के भी बहने की सूचना है. वहीं, रेस्क्यू टीमें मौके के लिए रवाना हो गई हैं.

ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमक नाले में आया सैलाब: जानकारी के मुताबिक, यह घटना ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर शाम करीब साढ़े 5 बजे के आसपास हुई. जहां तमक नाले में अचानक जलसैलाब आ गया. जिसमें 123 बीआरटीएफ सुराईथोटा की ओर से निर्मित वैली ब्रिज बह गया. साथ ही जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स (GREF) का स्कॉर्पियो वाहन संख्या 24 BE 16058 और बोलेरो कैंपर संख्या 23 B 15947 के साथ एक अन्य वाहन भी प्रभावित हुए. इस दौरान स्कॉर्पियो चालक नायक पंकज कुमार के बहने की सूचना है. जिनकी तलाश में रेस्क्यू अभियान जारी है. स्कॉर्पियो वाहन को सुरक्षित साइड किया गया है.

कुछ ही पलों में नाले में बह गया सब कुछ: वहीं, अचानक आए तेज पानी और मलबे ने देखते ही देखते इलाके में भारी नुकसान कर दिया. पानी का बहाव इतना तेज था कि नाले पर बना वैली ब्रिज भी इसकी चपेट में आकर बह गया. इतना ही नहीं आसपास खड़ी गाड़ी भी तेज बहाव में बहती नजर आईं. कुछ ही पलों में नाले ने ऐसा रौद्र रूप लिया कि आसपास का पूरा इलाका मलबे और पानी की चपेट में आ गया. घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है.

पुल के बहने से नीती घाटी की ओर आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई है और क्षेत्र का जिला मुख्यालय से सड़क संपर्क बाधित हो गया है. बताया जा रहा है कि तमक इलाके में एक के बाद एक तीन बार अतिवृष्टि हुई. इसके बाद नाले में अचानक पानी का प्रवाह बढ़ गया और तेज बहाव अपने साथ वैली ब्रिज को भी बहा ले गया. वहीं, मौके पर भारी बारिश एवं अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू कार्य में कठिनाई आ रही है. अब सुबह व्यापक स्तर पर रेस्क्यू अभियान शुरू किया जाएगा.

सुरक्षा के मद्देजनर सुरईथोटा से तमक की ओर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई है. साथ ही धौलीगंगा नदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए सूचित किया जा रहा है. वहीं, जल विद्युत परियोजनाओं में कार्यरत संबंधित कंपनियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, घटनास्थल एवं आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है.

BRO का एक कर्मचारी लापता होने की सूचना: घटना के बाद बीआरओ के एक कर्मचारी पंकज कुमार के लापता होने की सूचना सामने आई है. ज्योतिर्मठ के उप जिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि उनकी BRO के मेजर से टेलीफोन पर बातचीत हुई है. मेजर की ओर से एक कर्मी के लापता होने की जानकारी दी गई है. अचानक आई तेज बारिश और पानी के बढ़े बहाव के बाद उसका पता नहीं चल पाया. आशंका है कि वो तेज पानी के बहाव में बह गया हो.

वहीं, वीडियो में तेज बहाव की चपेट में आकर एक पिकअप वाहन बहता हुआ दिखाई दे रहा है. जबकि, सड़क पर पोकलैंड मशीन भी पानी के बीच फंसी नजर आ रही है और ऑपरेटर उसे निकालने की कोशिश करता दिखाई दे रहा है. इस दौरान वीडियो बना रहा युवक लगातार चिल्लाते हुए ‘वो बह गया…वो बह गया’ कहता सुनाई दे रहा है.

आपदा टीमें मौके के लिए रवाना: घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है. प्रशासन, आपदा प्रबंधन टीम, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ समेत संबंधित विभागों की टीमें घटनास्थल के लिए रवाना हो गई हैं. मौके पर पहुंचने के बाद स्थिति का जायजा लेने के साथ ही लापता ऑपरेटर की तलाश और प्रभावित क्षेत्र में राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जाएगा. चमोली जिला अधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि एक ब्रिज, एक गाड़ी, एक ट्रक और एक हवलदार रैंक के कर्मचारी के बहने की सूचना है. बाकी कर्मचारियों के बारे में भी जानकारी ली जा रही है.

अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ा, लोगों को नदी नालों से दूर रहने की अपील: वहीं, नीति घाटी में हुई भारी बारिश के कारण अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ गया है. सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस की ओर से नदी किनारे रह रहे लोगों को लाउडस्पीकर/अनाउंसमेंट के माध्यम से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम सामान्य होने और मार्ग की स्थिति स्पष्ट होने तक नीती घाटी की ओर आवाजाही से बचें.

किसी भी तरह की जोखिम भरी यात्रा न करें और प्रशासन की ओर से जारी सूचना के बाद ही आगे बढ़ें. चमोली में पिछले कुछ समय से लगातार बारिश का दौर जारी है. मौसम विभाग की ओर से भी प्रदेश में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया था. इसी बीच नीती घाटी जैसे सीमावर्ती और संवेदनशील क्षेत्र में अतिवृष्टि फटने की घटना ने एक बार फिर डरा दिया है.

सीएम धामी ने सचिव आपदा प्रबंधन से ली घटना की जानकारी: वैली ब्रिज बहने की घटना का मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन से घटना की जानकारी ली. उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निचले क्षेत्रों में आवश्यक एहतियाती कदम उठाने, संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और स्थिति सामान्य होने तक प्रभावित मार्ग पर आवाजाही प्रतिबंधित रखने के निर्देश दिए है.

सीएम धामी ने वैली ब्रिज बहने के कारण आसपास के गांवों में राशन, खाद्य सामग्री, दवाइयों एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित न हो, इसके लिए प्रशासन को विशेष व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए. उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक मार्गों से ग्रामीणों तक आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए.

वहीं, सीएम धामी ने विशेष रूप से निर्देश दिए कि नदी-नालों एवं जलप्रवाह वाले क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रखा जाए. आवश्यकता के अनुसार उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रोका जाए. उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की कमी न रखने के निर्देश दिए हैं. सभी संबंधित एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखने को कहा है.

SEOC से लगातार स्थिति पर नजर: सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) से चमोली समेत प्रदेश के सभी संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार 24×7 निगरानी रखी जा रही है. जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों से लगातार समन्वय किया जा रहा है. आवश्यकता के अनुसार राहत एवं बचाव दलों को तत्काल सक्रिय किया जा रहा है.

उन्होंने बताया कि ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमक नाला में 123 बीआरटीएफ सुराईथोटा की ओर से निर्मित वैली ब्रिज अत्यधिक जलप्रवाह के कारण पूरी तरह बह गया है. घटना के संबंध में मिली सूचना के अनुसार नाले में अचानक बढ़े पानी के तेज बहाव की चपेट में आने से एक व्यक्ति और एक वाहन (कैंपर) के बहने की सूचना मिली है.

उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही एसडीआरएफ एवं एनडीआरएफ की टीमें घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गई हैं. स्थानीय प्रशासन, पुलिस एवं संबंधित विभागों की ओर से भी आवश्यक राहत एवं बचाव कार्रवाई की जा रही है. घटनास्थल पर स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है. फिलहाल, सुरक्षा के मद्देनजर ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर मलारी की ओर वाहनों का आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया है.

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