चांद से टकराया 4000kg रॉकेट का मलबा

नई दिल्लीः स्पेस की दुनिया से एक बहुत बड़ी और हैरान करने वाली खबर आई है. एलोन मस्क की कंपनी ‘SpaceX’ का एक 4,000 किलो (यानी 4 टन) भारी रॉकेट का टुकड़ा सीधे चांद की सतह से जा टकराया. यह कोई प्लानिंग के तहत नहीं हुआ, बल्कि एक एक्सीडेंट था. यह रॉकेट का कचरा पिछले 18 महीने से स्पेस में बिना किसी कंट्रोल के ऐसे ही फालतू घूम रहा था. आखिरकार चांद की ग्रैविटी ने इसे अपनी तरफ खींच लिया और यह बहुत तेज स्पीड में सीधे चांद पर जा गिरा.

रॉकेट के टकराने की स्पीड इतनी तेज थी कि आप सोच भी नहीं सकते. यह लगभग 8,690 किलोमीटर प्रति घंटे की भयानक स्पीड से चांद से टकराया. जब यह टकराया, तो इससे निकला धमाका इतना बड़ा था जैसे 3,000 किलो बम एक साथ फट गया हो.

जब इतना भारी लोहे का ढांचा इतनी खतरनाक स्पीड से टकराया, तो चांद की जमीन हिल गई. साइंटिस्ट्स का मानना है कि इस जोरदार धमाके की वजह से चांद पर करीब 20 से 30 मीटर यानी लगभग 8-10 मंजिला बिल्डिंग जितना बड़ा और गहरा गड्ढा बन गया है. इसके साथ ही टकराने वाली जगह से चांद की बहुत सारी मिट्टी और धूल हवा में कई किलोमीटर ऊपर तक उड़ गई.

भारतीय समय के अनुसार यह घटना दोपहर को करीब 12:05 बजे हुई. साइंटिस्ट्स ने कहा था कि शायद टेलिस्कोप से एक हल्की सी चमक दिख जाए. लेकिन क्योंकि यह एक्सीडेंट चांद के उस हिस्से पर हुआ जहां सूरज की तेज धूप थी, इसलिए हम लोग अर्थ से इसे अपनी आंखों से नहीं देख पाए. हालांकि, बड़े और पावरफुल टेलिस्कोप से टकराने के बाद उड़ी धूल को कुछ देर के लिए जरूर देखा जा सकता था.

वैसे तो यह एक लापरवाही है कि स्पेस में कचरा ऐसे ही छोड़ दिया गया, लेकिन साइंटिस्ट्स के लिए यह एक बड़ा मौका बन गया है. अब वे स्टडी कर रहे हैं कि जब कोई भारी चीज इतनी तेज स्पीड से चांद से टकराती है, तो वहां की जमीन पर क्या असर पड़ता है. इससे चांद के बारे में और नई जानकारी मिलेगी. इसके अलावा, इस एक्सीडेंट ने दुनिया की सभी स्पेस कंपनियों को एक चेतावनी भी दी है कि वे अपना कचरा स्पेस में ऐसे ही न छोड़ें, वरना आगे चलकर बड़े एक्सीडेंट हो सकते हैं.

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