रुद्रप्रयाग: हिमालय की गोद में बसे केदारपुरी में एक बार फिर से बर्फ की सफेद मखमली चादर बिछ गई है. जिससे केदारनाथ धाम की खूबसरती और ज्यादा निखर गई है. ऐसा लग रहा मानो महादेव ने स्वयं ही चांदी की भस्म धारण कर ली हो.
बाबा केदार की पावन नगरी में केदारनाथ में लगातार बर्फबारी जारी है, जिससे पूरा केदारनाथ धाम सफेद चादर में लिपट गया है. मौसम के अचानक बिगड़े मिजाज के चलते कड़ाके की ठंड ने भी अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है.
बता दें कि आगामी 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने हैं, ऐसे में अब महज 34 दिन बच गए हैं. भक्त बेसब्री से कपाट खुलने का इंतजार कर रहे हैं. वहीं, बर्फबारी समेत अन्य मौजूदा हालात यात्रा तैयारियों के लिए चुनौती बनते नजर आ रहे हैं.
भारी बर्फबारी के चलते धाम में व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का काम प्रभावित हो रहा है, जिससे समय पर तैयारियां पूरी न होने की आशंका बढ़ गई है. हाल ही में लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) गुप्तकाशी की टीम व्यवस्थाओं का जायजा लेने धाम के लिए रवाना हुई थी, लेकिन अत्यधिक बर्फ और खराब मौसम के चलते टीम को बीच रास्ते से ही लौटना पड़ा.
यदि मौसम का यही रुख बना रहा, तो केदारनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. खासतौर पर गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर बर्फबारी के कारण रेलिंग और रास्तों को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है, जिसे कपाट खुलने से पहले ठीक करना बेहद जरूरी है.मौसम विभाग की मानें तो फिलहाल, बर्फबारी थमने के आसार कम हैं और आने वाले दिनों में भी मौसम इसी तरह बना रह सकता है, जिससे यात्रा तैयारियों पर सीधा असर पड़ना तय है. इस बीच प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं.
वहीं, लोनिवि गुप्तकाशी के ईई राजविंद सिंह ने बताया कि इस साल जनवरी-फरवरी में बर्फबारी बेहद कम हुई थी, लेकिन मार्च में अचानक बढ़ी बर्फबारी ने व्यवस्थाओं के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है. ऐसे में अब सबकी नजरें मौसम पर टिकी हैं, ताकि समय रहते व्यवस्थाएं पूरी कर श्रद्धालुओं के लिए सुगम और सुरक्षित केदारनाथ यात्रा सुनिश्चित की जा सके.
