नई दिल्लीः वेतन वृद्धि और अन्य मांगों पर हुयए हिंसक प्रदर्शन के बाद मंगलवार सुबह फिर से फेज दो और सेक्टर 121 में श्रमिक एवं घरेलू सहायिकाओं का गुस्सा भड़क गया।नाराज महिलाओं ने सड़क जमकर पथराव का प्रयास किया, लेकिन पुलिस की सूझबूझ से बड़ी घटना टल गई। पुलिस ने दोपहर तक 300 आरोपितों को गिरफ्तार और हंगामा व प्रदर्शन करने पर 100 से ज्यादा आरोपितों को हिरासत में लेकर पूछताछ चल रही है।
पुलिस कमिश्नर ने आरोपितों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा संहिता (एनएसए) में कार्रवाई की बात कही है। इंटरनेट मीडिया पर गलत वीडियो प्रसारित कर माहौल खराब करने के मामले में अभी तक सात मुकदमे दर्ज हुए हैं। पुलिस अधिकारियों ने श्रमिकों से शांति की अपील कर नौकरी पर लौटने के दौरान सुरक्षा का आश्वासन दिया है।नोएडा में हुए बवाल में कमिश्नरेट पुलिस पड़ोसी देशों से बैठे हुक्मरान द्वारा साजिश रचने की बात मान रही है। पुलिस को शक है कि गौतमबुध नगर में माहौल खराब करने के लिए दूसरे राज्यों के संगठित गिरोह ने विभिन्न लोगों को फंडिंग भी की है।
हालांकि, जांच टीमों को अभी इस दिशा में अहम सुराग हाथ नहीं लगे हैं लेकिन इंटरनेट मीडिया पर संगठित गिरोह द्वारा लोगों को भड़काने के साक्ष्य मिल गए हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि अभी तक दो ऐसे संगठन में शामिल अराजक तत्वों के खिलाफ साक्ष्य मिले हैं जब विभिन्न राज्यों में हिंसक प्रदर्शन और आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया करते हैं। इस हम इनपुट के बाद सुरक्षा एजेंसी अभी हाई अलर्ट हो गई है। उन्होंने भी गौतम बुद्ध नगर कमिश्नर पुलिस से साक्ष्य लेकर जांच तेज कर दी है।
पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने बताया कि विभिन्न मांगो पर हुए बवाल के दूसरे दिन सेक्टर 121 स्थित क्लियो काउंटी सोसायटी में घरेलू सहायिकाओं ने गेट नंबर 2 के पास प्रदर्शन किया था।इस बीच कुछ लोगों ने सड़क जाम के दौरान पथराव का प्रयास भी किया लेकिन सूचना मिलते ही पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई और सभी को समझाकर वहां से खदेड़ दिया।
अभी तक वीडियो और फुटेज के अलावा सीसीटीवी कैमरे की मदद से 300 आरोपितों को पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन के दौरान माहौल खराब करने वाले 100 से ज्यादा आरोपितों को भी हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ चल रही है।
