देहरादून: कांग्रेस ने चकराता रोड स्थित बल्लूपुर चौक से बल्लीवाला चौक तक एक जन आक्रोश रैली निकाली. इस रैली में प्रदेश कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व शामिल हुआ, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत विशेष रूप से मौजूद रहे. हरीश रावत रैली में कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए कुछ दूर तक पैदल चले ,उसके बाद मोटरसाइकिल पर बैठकर उन्होंने प्रदर्शन में भाग लिया.
यह जन आक्रोश रैली प्रदेश में लगातार बढ़ती महंगाई, छात्रों के उत्पीड़न, बेरोजगारी, बिगड़ती कानून व्यवस्था और बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर आयोजित की गई. रैली के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया.
इस अवसर पर पार्टी प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि आज उत्तराखंड की जनता त्रस्त है. महंगाई आसमान छू रही है, बेरोजगार युवा निराश है और कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है. अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने में सरकार की उदासीनता बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. लगातार पुलिस प्रशासन की ओर से छात्रों का उत्पीड़न, उन्हें मारने पीटने और अमानवीय व्यवहार की घटनाएं सामने आ रही हैं.
कांग्रेस पार्टी जनता की आवाज बनकर सड़कों पर उतरी है और जब तक न्याय नहीं मिलेगा, कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा. हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान शांति और सुरक्षा की रही है, लेकिन आज हालात चिंताजनक हो गए हैं. महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकार केवल मूकदर्शक बनी हुई है.
अंकिता भंडारी के परिवार को न्याय दिलाना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है. यह रैली जनता के गुस्से का प्रतीक है, जिसे अब अनदेखा नहीं किया जा सकता. पार्टी नेताओं ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी चरम पर है, युवा सड़कों पर हैं लेकिन सरकार के पास कोई ठोस योजना नहीं है. महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है. कांग्रेस पार्टी इन सभी मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी और इस जनविरोधी सरकार को जवाबदेह बनाएगी.
यह रैली सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि युवाओं और आम जनता के आक्रोश की आवाज है. हम अंकिता भंडारी के लिए न्याय, युवाओं के लिए रोजगार और प्रदेश में सुरक्षित माहौल की मांग करते हैं. जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होंगी, ऐसे प्रदर्शन जारी रहेंगे. कार्यक्रम संयोजक रितेश ने आरोप लगाया कि धामी सरकार में अराजकता और पक्षपात की बानगी है.
आक्रोश रैली के जो 50 से 60 बैनर पोस्टर लगाए गए थे, सुबह तड़के सारे बैनर पोस्टर फाड़ दिए गए, जबकि भाजपा के पुराने बैनर तक अपनी जगह पर जस के तस हैं. लेकिन क्योंकि कांग्रेस विपक्ष में है, इसलिए उन्हें टारगेट किया जा रहा है. उत्तराखंड कांग्रेस ने साफ किया कि यह जन आक्रोश रैली केवल शुरुआत है और आने वाले समय में पार्टी जनता के मुद्दों को लेकर और भी बड़े आंदोलन करेगी, ताकि सरकार को जवाबदेह बनाया जा सके और प्रदेश में न्याय व सुशासन स्थापित हो सके.

