नई दिल्लीः इंडोनेशिया के समुद्री क्षेत्र में नई गैस खोज को बेहद अहम माना जा रहा है. शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक यहां कई ट्रिलियन क्यूबिक फीट गैस मौजूद हो सकती है, जो आने वाले वर्षों में ऊर्जा बाजार की तस्वीर बदल सकती है.
ड्रिलिंग टेस्ट के दौरान गैस का दबाव और फ्लो उम्मीद से काफी बेहतर निकला. एक्सपर्ट्स का कहना है कि इतनी मजबूत क्षमता भविष्य में बड़े स्तर पर उत्पादन की संभावना को और मजबूत बनाती है.ऊर्जा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी Eni ने कहा कि यह खोज इंडोनेशिया के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है. कंपनी अब तेजी से विकास योजना तैयार करने में जुट गई है.
शुरुआती अनुमान बताते हैं कि इस क्षेत्र से प्रतिदिन करोड़ों स्टैंडर्ड क्यूबिक फीट गैस निकाली जा सकती है. साथ ही हजारों बैरल कंडेनसेट उत्पादन की भी संभावना जताई गई है.अगर इंडोनेशिया में यह गैस प्रोजेक्ट तेजी से शुरू होता है, तो भारत को भी अप्रत्यक्ष फायदा मिल सकता है. एशिया में गैस सप्लाई बढ़ने से वैश्विक ऊर्जा बाजार में दबाव कम होगा, जिससे भारत को भविष्य में LNG और गैस आयात अपेक्षाकृत स्थिर कीमतों पर मिल सकता है.
ये गैस भंडार समुद्र की सतह से करीब 2000 मीटर नीचे मिला है. इतनी गहराई में सफल ड्रिलिंग तकनीकी रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण मानी जाती है, इसलिए इसे बड़ी उपलब्धि कहा जा रहा है.विशेषज्ञों का मानना है कि इस खोज से दक्षिण-पूर्व एशिया में गैस सप्लाई मजबूत होगी. इससे कई देशों की आयात पर निर्भरता कम हो सकती है और क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा बढ़ सकती है.कंपनी जल्द ही गैस उत्पादन शुरू करने के लिए विकास योजना सरकार को सौंप सकती है. अगर मंजूरी मिलती है तो आने वाले कुछ वर्षों में यहां बड़े स्तर पर उत्पादन शुरू हो सकता है.

