तेल अवीव: इजरायल की सेना ने लेबनान में एक सीक्रेट सुरंग में कम से कम 30 हिज्बुल्लाह आतंकियों को घेर लिया है। कुछ रिपोर्ट के मुताबिक तेबनित गांव में जमीन के नीचे बनाए गये एक बेस में कई दर्जन हिज्बुल्लाह के लड़ाके मौजूद है और बाहर से इजरायली सेना ने उन्हें घेर रखा है। N12 की रिपोर्ट के अनुसार सुरंगों का यह नेटवर्क कुल मिलाकर एक किलोमीटर से ज्यादा लंबा है और IDF की फोर्स ने जमीन के ऊपर और नीचे दोनों जगह लड़ाई लड़ रही है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि कि हिज्बुल्लाह के 30 आतंकवादी अंदर फंसे हुए हैं और वो मोर्टार के साथ साथ ड्रोन का इस्तेमाल करके इजरायली सेना का मुकाबला कर रहे हैं। IDF ने बताया कि यह बेस दक्षिणी लेबनान में हिज़्बुल्लाह के सबसे अहम हेडक्वार्टर में से एक था और इस इलाके में ऑपरेशन का मकसद उत्तरी इजरायली समुदायों के लिए लंबे समय से बने हुए खतरे को खत्म करना था।
शुक्रवार को ‘द वाशिंगटन पोस्ट’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने वाइट हाउस को चेतावनी दी है कि लेबनान में हिज़्बुल्लाह के खिलाफ इजरायल के लगातार ऑपरेशन से ईरान के साथ ट्रंप प्रशासन के हाल ही में हुए समझौते (मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग) पर असर पड़ सकता है। यह रिपोर्ट तब आई जब यह घोषणा की गई कि इजरायल और लेबनान के आतंकवादी संगठन हिज़्बुल्लाह के बीच युद्धविराम समझौता हो गया है। IDF के प्रवक्ता ब्रिगेडियर-जनरल एफ़ी डेफ़्रिन ने शुक्रवार दोपहर साफ किया कि सेना इजरायल की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए तत्काल खतरों को दूर करना जारी रखेगी और हिज़्बुल्लाह की तरफ से युद्धविराम के किसी भी उल्लंघन का जवाब देगी।
जानकारी के मुताबिक सुरंग के अंदर फंसे आतंकी आत्मसमर्पण करने के बजाय लगातार मोर्टार और ड्रोनों का इस्तेमाल कर इजरायली सेना पर हमले कर रहे हैं। इस सैन्य ऑपरेशन के दौरान हिज्बुल्लाह के ड्रोन या एंटी-टैंक मिसाइल हमले में IDF की 52वीं आर्मर बटालियन के कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल डोर बेन सिमचोन समेत 4 इजरायली सैनिक मारे गए हैं। इसके अलावा तेबनीत इलाके में हुए एक अन्य ड्रोन हमले में कमांडो फोर्स के 5 सैनिक घायल भी हुए हैं।
