नई दिल्ली: इंटरनेशनल निशानेबाज और द्रोणाचार्य अवार्ड से सम्मानित निशानेबाजी कोच जसपाल राणा की मां का रविवार देर शाम निधन हो गया. वह 78 साल की थी. जसपाल राणा की मां श्यामा राणा का निधन जसपाल राणा के निधन के मात्र 16 दिन बाद हो गया है. वह लंबे समय से बीमार थीं और दिल्ली के रिसर्च एंड रिफेरल आर्मी अस्पताल धौला कुआं में उनका उपचार चल रहा था.
जसपाल राणा की 12 जून को मौत के बाद 16 जून को ही श्यामा देवी की हालत बिगड़ गई थी. उसके बाद उन्हें आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार रविवार देर शाम को उन्होंने अंतिम सांस ली. अभी उनका परिवार जसपाल राणा के निधन के शोक से उबर भी नहीं पाया है तब तक परिवार में एक और सदस्य का निधन होने से गहरा आघात पहुंचा है. तीन दिन पहले ही जसपाल राणा का त्रयोदशी संस्कार संपन्न हुआ था और उसके कुछ दिन बाद ही उनकी मां का निधन हो गया.
बता दें कि जसपाल राणा का परिवार उत्तराखंड के चंपावत जिले से संबंध रखता है. वह टिहरी गढ़वाल जिले के नैनबाग गांव के रहने वाले हैं. खेल जगत में उनके परिवार का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. 16 दिनों के अंदर मां और बेटे दोनों के निधन से राणा परिवार को गहरा सदमा लगा है. खेल जगत और उनसे जुड़े हुए लोगों ने भी उनके निधन पर गहरा दुख प्रकट करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है.
जसपाल राणा के पिता नारायण सिंह राणा खुद भी द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता कोच रहे हैं. इसके अलावा वह उत्तराखंड के खेल मंत्री भी रह चुके हैं. वहीं, जसपाल राणा की एक बहन सुषमा राणा का विवाह केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बड़े बेटे पंकज सिंह से हुआ है. पकंज सिंह नोएडा से भाजपा के विधायक हैं.
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार केडी सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने एक्स हैंडल से पोस्ट लिखकर श्यामा राणा को श्रद्धांजलि दी है. उन्होंने लिखा है कि महान निशानेबाज एवं ‘पद्म श्री’ स्व. जसपाल राणा जी की पूज्य माताश्री श्यामा देवी जी के निधन का अत्यंत दुःखद समाचार प्राप्त हुआ. मां यमुना दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें.
