तलवारें, खंजर और कई 5000 के करीब खतरनाक हथियार

नई दिल्लीः महाराष्ट्र के Nanded से सामने आई एक कार्रवाई ने सुरक्षा एजेंसियों को चौंका दिया है। नांदेड़ ग्रामीण पुलिस ने ‘ऑपरेशन क्रैकडाउन’ के तहत एक ही दिन में 4,796 से अधिक धारदार हथियार बरामद किए हैं। यह बरामदगी राज्य के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी बताई जा रही है।

पुलिस का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में तलवारें, खंजर और अन्य घातक हथियार किसी सामान्य गतिविधि का हिस्सा नहीं हो सकते। इस कार्रवाई ने संभावित आपराधिक नेटवर्क और उसकी सप्लाई चेन पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि इन हथियारों का इस्तेमाल किसी बड़ी साजिश में किया जा सकता था।

पूरे मामले का खुलासा तब हुआ, जब पुलिस को इलाके में अवैध हथियारों के कारोबार की सूचना मिली। इंस्पेक्टर ओमकांत चिंचोलकर की अगुवाई में टीम ने देर रात बलीरामपुर इलाके में जाल बिछाया और एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से तलवार और खंजर बरामद हुए।

पूछताछ में युवक ने जो जानकारी दी, उसने पुलिस को सीधे एक बड़े ठिकाने तक पहुंचा दिया। इसके बाद वजीराबाद के गुरु रामदास नगर में छापेमारी की गई, जहां एक घर से हथियारों का भारी जखीरा मिला। पुलिस के पहुंचते ही एक आरोपी मौके से फरार हो गया, लेकिन तलाशी के दौरान लगातार 24 घंटे तक चली कार्रवाई में हजारों हथियार बरामद किए गए।

पुलिस के मुताबिक, जब्त किए गए हथियारों में 315 बड़ी तलवारें, 135 मध्यम तलवारें और सैकड़ों की संख्या में खंजर, गुप्तियां, खंडा और कुकरी शामिल हैं। इनकी कुल कीमत करीब 43 लाख रुपये से ज्यादा आंकी गई है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि इनमें से 90 प्रतिशत हथियार ऐसे हैं, जिनका इस्तेमाल केवल आपराधिक गतिविधियों में ही हो सकता है।

पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि धार्मिक या सजावटी उपयोग के नाम पर अवैध हथियारों की बिक्री करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड Jaswant Singh बताया जा रहा है, जो फिलहाल फरार है और जिसकी तलाश तेज कर दी गई है।

नांदेड़ पुलिस अब इस मामले को सिर्फ एक बरामदगी तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि पूरे नेटवर्क को खत्म करने की तैयारी में है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इतने बड़े पैमाने पर हथियार कहां से लाए गए और किन-किन इलाकों में सप्लाई किए जाने थे। साथ ही यह भी जांच हो रही है कि क्या इस कारोबार के पीछे कोई संगठित गिरोह या बाहरी फंडिंग शामिल है।

पुलिस ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है और फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। अधिकारियों ने साफ संदेश दिया है कि अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी सूरत में कानून तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

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