AAP करेगी राजनीतिक जमीन मजबूत

नई दिल्ली। भ्रष्टाचार के विरुद्ध अन्ना हजारे के आंदोलन से उत्पन्न हुई आम आदमी पार्टी के लिए पिछले तीन-चार वर्ष मुश्किल भरे रहे हैं। आबकारी नीति घोटाला सहित इसके नेताओं पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे।पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल सहित अन्य बड़े नेताओं को न सिर्फ जेल जाना पड़ा, बल्कि दिल्ली की सत्ता भी उनके हाथ से निकल गई। आप पार्टी में निराशा का भाव छाया हुआ था। इस स्थिति में आबकारी नीति मामले में ट्रायल कोर्ट का फैसला आप के लिए संजीवनी से कम नहीं है।

वहीं, इस फैसले ने पार्टी के नेताओं के साथ ही कार्यकर्ताओं को उत्साह और नई उम्मीदों से भर दिया है। कोर्ट परिसर के बाहर से लेकर पार्टी मुख्यालय तक इसकी झलक साफ दिखाई दी।भाजपा ने आबकारी नीति में भ्रष्टाचार को बड़ा मुद्दा बनाया था। इस मामले में केजरीवाल के साथ ही मनीष सिसोदिया और संजय सिंह सहित पार्टी के अन्य बड़े नेताओं को इस मामले में जेल जाना पड़ा था। इसका असर संगठन पर भी पड़ा। कई नेता व कार्यकर्ता पार्टी छोड़कर अन्य दलों में शामिल हो गए।

वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद पिछले वर्ष हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। केजरीवाल, सिसोदिया सहित अन्य कई बड़े नेता चुनाव हार गए। दूसरे राज्यों में पार्टी के विस्तार पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ा।दिल्ली की सत्ता प्राप्त करने के बाद पंजाब के साथ ही गोवा, गुजरात सहित अन्य राज्यों में पार्टी ने अपना विस्तार शुरू किया था।

केजरीवाल सहित अन्य नेता दूसरे राज्यों में जाकर अपनी ईमानदार छवि व दिल्ली में किए गए काम को प्रचारित कर राजनीतिक जमीन तैयार कर रहे थे। लेकिन भ्रष्टाचार के आरोपों में नेताओं की गिरफ्तारी व दिल्ली में हार से पार्टी के विस्तार के प्रयास बाधित हो गए। दिल्ली में भी पार्टी शिथिल नजर आ रही थी। सत्तारूढ़ भाजपा को वह किसी भी मुद्दे पर घेरने में नाकाम रही है। अब स्थिति बदलने वाली है।

आरोपमुक्त होते ही अरविंद केजरीवाल के तेवर भी तीखे हो गए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व ने सत्ता पाने के लिए उनकी ईमानदार छवि पर चोट की थी। अब कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि केजरीवाल सहित पूरी आम आदमी पार्टी कट्टर ईमानदार है। निश्चित रूप से आप इसे दिल्ली के साथ ही अन्य राज्यों में प्रचारित करेंगी। अगले वर्ष पंजाब, गुजरात व गोवा में विधानसभा चुनाव हैं। पंजाब में आप की सरकार है।

पंजाब की आप सरकार पर विपक्ष भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहा है, जिसका अब वह मुंहतोड़ जवाब देगी। इसी तरह गुजरात व गोवा में भी ईमानदारी व जांच एजेंसियों के दुरुपयोग को मुद्दा बनाकर चुनावी राह आसान बनाने का प्रयास करेगी। केजरीवाल व अन्य नेता भी आक्रामक तरीके से विरोधी दलों पर निशाना साधेंगे।

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