तेहरान: ईरान ने धमकी दी है कि बेरूत पर कोई भी हमला इलाके में फिर से युद्ध को शुरू कर सकता है। ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि तेहरान ने साफ कर दिया है कि लेबनान की राजधानी पर किसी भी हमले की स्थिति में वह चुप नहीं बैठेगा। ईरानी विदेश मंत्री का बयान ऐसे समय में आया है जब इजरायली सेनाएं बेरूत पर हमले के लिए बढ़ रही थीं, जिसे डोनाल्ड ट्रंप और नेतन्याहू के बीच बातचीत के बाद रोका गया।
लेबनान के अल मायादीन टीवी से बात करते हुए अराघची ने बताया कि इजरायल ने जब बेरूत पर हमला करने की धमकी के बाद ईरान ने निर्णायक रुख अपनाया था। उन्होंने कहा कि तेहरान ने संभावित जवाबी हमले के लिए अपनी सेनाओं को पूरी तरह अलर्ट पर रखा था।
ईरान ने जोर देकर कहा है कि पश्चिम एशिया में युद्ध को खत्म करने के लिए कोई भी समझौता तभी संभव है, जब उसमें सभी मोर्चों पर लड़ाई खत्म हो, जिसमें लेबनान भी शामिल है। अराघची ने यह भी कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच संपर्क टूटा नहीं है। हालांकि, बातचीत में अभी तक कोई खास प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने आगे कहा कि दोनों पक्ष अभी भी उन ड्राफ्ट का अध्ययन कर रहे हैं, जिनका आदान-प्रदान हुआ था।
ईरानी विदेश मंत्री की धमकी ऐसे समय में आई है, जब एक दिन पहले ही ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया था। अमेरिकी सेना ने कहा है कि ईरान द्वारा कुवैत और बहरीन की ओर दागी गई मिसाइलें या तो लक्ष्य तक पहुंचने में विफल हो गईं या उन्हें हवा में ही नष्ट कर दिया गया। इसके जवाब में अमेरिका ने ईरान के एक ठिकाने पर हमला किया।
अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने बताया कि उसकी ओर से हमला होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित किश्म द्वीप पर ईरान के एक सैन्य स्टेशन पर किया गया, जहां एक जल-शोधन संयंत्र भी है। अमेरिका के अनुसार, ईरान ने कुवैत और बहरीन की ओर मिसाइलें दागीं, लेकिन वे अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकीं। कुवैत की ओर दागी गई दो मिसाइलें रास्ते में ही विफल हो गईं, जबकि बहरीन की ओर दागी गई मिसाइलों को अमेरिका व बहरीन की सेना ने मिलकर नष्ट कर दिया।
