देहरादून: कांग्रेस नेता राहुल गांधी के देहरादून दौरे के दौरान शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा ने उनके खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट के नेतृत्व में प्रदेश के विभिन्न जिलों से देहरादून पहुंची महिला कार्यकर्ताओं ने सीएमआई चौक पर एकत्र होकर कांग्रेस की कथित महिला विरोधी सोच के खिलाफ नारेबाजी की. प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने हाथों में तख्तियां और पार्टी के झंडे लेकर कांग्रेस के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया.
भाजपा महिला मोर्चा का यह प्रदर्शन राहुल गांधी के देहरादून में आयोजित कार्यक्रम के समानांतर किया गया. महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं का कहना था कि कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं के अधिकारों और सशक्तिकरण के मुद्दों पर दोहरा रवैया अपनाया है. इसी के विरोध में प्रदेशभर की मातृशक्ति सड़कों पर उतरी है.
महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट ने किया प्रदर्शन का नेतृत्व: प्रदर्शन का नेतृत्व महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट ने किया. उनके साथ महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री हिमानी वैष्णव, राज्य मंत्री विनोद उनियाल, राज्य मंत्री मधु भट्ट समेत संगठन की कई प्रदेश, जिला और मंडल स्तरीय पदाधिकारी मौजूद रहींय प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के चलते पुलिस प्रशासन भी अलर्ट मोड में नजर आया.
बीजेपी का आरोप- कांग्रेस ने करोड़ों महिलाओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई: प्रदर्शन के दौरान रुचि भट्ट ने कहा कि कांग्रेस ने संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर देश की करोड़ों महिलाओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी में अधिक अवसर देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है, जबकि कांग्रेस ने महिला सशक्तिकरण के मुद्दों पर केवल राजनीति करने का काम किया है.
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की महिलाएं राहुल गांधी के दौरे का विरोध कर यह संदेश देना चाहती हैं कि देवभूमि की मातृशक्ति महिला सम्मान और अधिकारों के विषय पर किसी भी तरह की राजनीतिक अवसरवादिता को स्वीकार नहीं करेगी.उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का इतिहास महिलाओं के हितों के प्रति सकारात्मक नहीं रहा है और पार्टी को पहले अपने अतीत पर आत्ममंथन करना चाहिए. सीएमआई चौक पर प्रदर्शन के दौरान महिला कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस विरोधी नारे लगाए और नारी शक्ति वंदन अधिनियम का समर्थन करते हुए तख्तियां लहराई.
सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को सीएमआई चौक पर बैरिकेडिंग लगाकर रोकने का प्रयास किया. हालांकि महिला कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग के पास खड़े होकर शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध जारी रखा. प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गर्माया रहा और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया.पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकते हुए स्थिति को नियंत्रित रखा. बाद में प्रशासन ने कई महिला कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस वाहनों के माध्यम से वहां से हटाया. हालांकि पूरे प्रदर्शन के दौरान किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली और विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ.
संगठन का कहना है कि यह प्रदर्शन केवल एक राजनीतिक विरोध नहीं बल्कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर जनजागरूकता का संदेश भी है. महिला मोर्चा की ओर से कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं और उत्तराखंड की मातृशक्ति इन प्रयासों के साथ मजबूती से खड़ी है. संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी महिलाओं के हितों के खिलाफ मानी जाने वाली किसी भी सोच या नीति का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रखा जाएगा.
