मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन संस्थानों में अग्निशमन संबंधी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हैं, उन्हें तत्काल चिन्हित कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि फायर सेफ्टी उपकरणों की कार्यशीलता, आपातकालीन निकास मार्गों, विद्युत सुरक्षा व्यवस्थाओं तथा आपदा की स्थिति में त्वरित निकासी की तैयारियों का विशेष रूप से परीक्षण किया जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि अग्निशमन विभाग, जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर समयबद्ध ढंग से ऑडिट की प्रक्रिया पूरी की जाए।
इस अवसर पर बद्री-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री हेमंत द्विवेदी, हेमकुंट साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री नरेन्द्रजीत बिन्द्रा, मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव श्री आर.के.सुधांशु, सचिव गृह श्री शैलेश बगौली, पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ, सचिव श्री विनय शंकर पाण्डेय, डीजी अभिसूचना और सुरक्षा श्री अभिनव कुमार, आईजी श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल, अपर सचिव श्री बंशीधर तिवारी और अपर सचिव श्रीमती तृप्ति भट्ट मौजूद थे।
