चमोली: चारधाम यात्रा के चरम दौर में बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बढ़ते वाहनों के दबाव के बीच ज्योतिर्मठ में लागू किया गया गेट सिस्टम यातायात प्रबंधन का प्रभावी मॉडल बनकर उभरा है. जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त पहल से लागू इस व्यवस्था ने जहां जाम की समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया है, वहीं स्थानीय लोगों, व्यापारियों और यात्रियों को भी बड़ी राहत मिली है. चारधाम यात्रा के दौरान जनपद चमोली में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड आमद हो रही है. यात्रा शुरू होने के मात्र 43 दिनों में ही बदरीनाथ धाम में 9 लाख 8 हजार 619 तथा हेमकुंड साहिब में 55 हजार 411 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं.
प्रतिदिन 20 हजार से अधिक यात्रियों के पहुंचने से बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है. यात्रा सीजन में ज्योतिर्मठ से मारवाड़ी के बीच अक्सर लगने वाले लंबे जाम को देखते हुए जिलाधिकारी गौरव कुमार के निर्देश पर तहसील प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से गेट सिस्टम लागू किया. इस व्यवस्था के तहत निर्धारित अंतराल पर एक दिशा से वाहनों को छोड़ा जा रहा है, जिससे यातायात का संचालन नियंत्रित और व्यवस्थित ढंग से हो रहा है.स्थानीय नागरिकों का कहना है कि गेट सिस्टम लागू होने के बाद नगर क्षेत्र में यातायात व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है. पहले घंटों तक जाम की स्थिति बनी रहती थी.
जिससे व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित होने के साथ-साथ स्थानीय लोगों और पैदल यात्रियों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था. अब यातायात अधिक सुव्यवस्थित होने से लोगों को राहत मिली है.ब्रह्मकपाल तीर्थपुरोहित संगठन के अध्यक्ष अमित सती, स्थानीय व्यापारी हर्षा शाह, सलीम तथा समीर डिमरी ने प्रशासन और पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि गेट सिस्टम लागू होने के बाद ज्योतिर्मठ क्षेत्र में जाम की समस्या काफी कम हुई है और आवाजाही पहले की तुलना में अधिक सुगम बनी है.
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने कहा कि बदरीनाथ एवं हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा और सुचारु यातायात व्यवस्था प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने बताया कि वर्तमान यातायात दबाव को देखते हुए गेट सिस्टम संचालित किया जा रहा है. भविष्य में वाहनों की संख्या और परिस्थितियों के अनुसार इस व्यवस्था में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे. उन्होंने यात्रियों से यातायात नियमों का पालन करने और प्रशासन का सहयोग करने की भी अपील की.चारधाम यात्रा के व्यस्ततम दौर में ज्योतिर्मठ का गेट सिस्टम न केवल यातायात प्रबंधन की चुनौती का समाधान बनकर सामने आया है, बल्कि यह प्रशासनिक समन्वय और प्रभावी योजना का सफल उदाहरण भी साबित हो रहा है.
